सीधी रीढ़ करके चलना सिर्फ आपकी पर्सनैलिटी को ही नहीं दर्शाता है बल्कि यह आपको शारीरिक समस्याओं से भी बचाता है। आज के समय में अधिकतर लोगों की गलत तरीके से बैठने की आदत होती है जिसके कारण कई बीमारियां जन्म ले लेती हैं। स्वामी रामदेव के अनुसार योग के द्वारा रीढ़ संबंधी हर समस्या से निजात पाया जाता सकता है। जानें कौन -कौन से योगसन है फायदेमंद।
रीढ़ की हड्डी संबंधी हर समस्या से निजात पाने के लिए योगसन
उष्ट्रासन- उष्ट्रासन शब्द का मतलब 'उष्ट्र' यानि ऊंट होता है। इस आसन में शरीर ऊंट की तरह लगता है। सेहत के लिए यह योगासन बहुत फायदेमंद होता है। इस आसन से आपकी रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत होगी। इस आसन को ज्यादा उम्र के लोग नहीं कर पाते हैं।
मकरासन- संस्कृत में मकर का अर्थ मगरमच्छ होता है। इस आसन में शरीर मगरमच्छ के समान दिखता है इसलिए इसको मकरासन का नाम दिया गया है। इस आसन को करने से रीढ़ में खिंचाव आता है। जिससे आपकी रीढ़ की हड्डी मजबूत और लचीली बनती है। इस आसन को 25-50 बार करें।
भुजंगाासन- यह आसन रीढ़ की हड्डी के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इसे 5 से 25 बार कर सकते हैं।
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शलभासन- इस आसन को करने से आपकी कमर और पीठ मजबूत होती है।
मरकट आसन- इस आसन को करने से शुगर कंट्रोल होने के साथ-साथ कमर दर्द से निजात मिलता है। इसके साथ ही रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इसे कुछ सेकंड से कई मिनट कर सकते हैं।
अर्ध मुक्तासन- इस आसन को करने से सर्वाइकल, कमर दर्द के साथ साथ रीढ़ की हड्डी संबंधी समस्याओं से निजात मिलता है।
घरेलू उपाय
- दूध में हल्दी और शिलाजीत मिलाकर पिएं। इससे लाभ मिलेगा।
- अश्वशीला का कैप्सूल लेते रहें।
- चंद्र प्रभावटी और शीलाजीत लेते रहें। इससे रीढ़ की हड्डी और मसल्स मजबूत हो जाते हैं।
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