राजधानी दिल्ली में आज दो बड़े सियासी आयोजन होने जा रहे हैं जहां एक ओर विपक्षी इंडिया ब्लॉक CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पब्लिक इंपीचमेंट प्रोग्राम करने जा रही है तो वहीं 'सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी' संगठन लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रोग्राम करने जा रहा है, इसके लिए संसद जैसी संरचना भी तैयार की गई है।
‘सिटिजन्स फॉर डेमोक्रेसी' की ओर से मॉक पार्लियामेंट का आयोजन NDMC कन्वेंशन सेंटर में सुबह 10:30 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम का विषय 'लोकतंत्र बनाम अराजकता' रखा गया है।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी के मुताबिक इस प्रोग्राम में देश और संसद से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में-
- हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों
- संसदीय मर्यादा बनाए रखना
- लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता
- और राजनीतिक जवाबदेही पर चर्चा होगी।
सिटिजन्स फॉर डेमोक्रेसी के प्रोग्राम में SIR, EVM की कार्यप्रणाली और चुनाव आयोग की भूमिका जैसे मुद्दे चर्चा का केंद्र बिंदु होंगे। वोट चोरी के आरोप और लोकतांत्रिक असहमति और अराजकता के बीच मूलभूत अंतर पर भी गहन बहस होगी।
कार्यक्रम से BJP ने क्यों बनाई दूरी?
सिटिजन्स फॉर डेमोक्रेसी के इस प्रोग्राम को सियासी एजेंडे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। यही वजह है कि कार्यक्रम से बीजेपी ने दूरी बनाई है। हालांकि प्रोग्राम का नाम और थीम बीजेपी के एजेंडे को जाहिर कर रहा है।
INDI अलायंस के 'मॉक पार्लियामेंट' में क्या-क्या होगा?
वहीं, दूसरी ओर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक पहले जिस आयोजन को 'मॉक पार्लियामेंट' के तौर पर प्रस्तुत कर रहा था, अब उसे 'जन महाभियोग' के रूप में आयोजित करने जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी। उनकी मदद के लिए समाजवादी पार्टी के एक सांसद मौजूद रहेंगे। आयोजन दोपहर 3 बजे शुरू होकर शाम 7:30 बजे तक चलेगा और समापन राष्ट्रगान के साथ किया जाएगा।
- इस कार्यक्रम में 19 दलों के नेताओं को बोलने का अवसर दिया जाएगा।
- ज्यादातर नेताओं को पांच-पांच मिनट का समय मिलेगा, जबकि समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों को दस-दस मिनट दिए जाएंगे
- उन लोगों को भी मंच पर बुलाने की योजना है जिनके नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं।
विपक्ष का मानना है कि यह केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता की चिंताओं को सामने रखने का मंच होगा।
विपक्ष की रैली का बीजेपी ने क्या तोड़ निकाला?
SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने की तैयारी में है जिसका बीजेपी ने अब तोड़ निकाला है। बीजेपी शहर-शहर 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाल रही है। इस यात्रा की कमान खुद पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने हाथों में ली है। 28 अक्टूबर को दिल्ली के चांदनी चौक से इस यात्रा की शुरुआत की गई। इसके साथ ही बिहार, गुजरात और यूपी के कई शहरों में भी बीजेपी की पदयात्रा निकाल रही है।
बीजेपी की इस यात्रा का मकसद विपक्ष के उस दावे की हवा निकालना है जिसमें विपक्षी पार्टियां चुनावी हार के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहरा रही हैं और अपने धरना-प्रदर्शन के दौरान अराजकता जैसे माहौल बनाती हैं।
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