नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी 'इंडिया गठबंधन' की ओर से 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ-देश बचाओ' महारैली का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने शर्तों के साथ परमिशन दी है और ये शर्तें काफी सख्त हैं। इसमें बड़ी बात ये है कि आयोजकों को शाम 5 बजे तक कार्यक्रम को खत्म करना होगा।
रैली के आयोजकों को पुलिस की किन शर्तों का पालन करना होगा?
- शाम 5 बजे तक खत्म होगी रैली: नवंबर 2026 को होने वाली रैली शाम 5 बजे तक हर हाल में खत्म करनी होगी। इसके बाद लोगों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। कार्यक्रम का समय किसी भी हालत में नहीं बढ़ाया जाएगा।
- रात में रुकने की इजाजत नहीं: रैली से पहले या बाद में किसी भी प्रतिभागी को रामलीला मैदान में रात में रुकने की अनुमति नहीं होगी।
- CCTV कैमरों से होगी निगरानी: मैदान के एंट्री-एग्जिट गेट, मंच, बैठने की जगह और आसपास के इलाकों में हाई डेफिनिशन कैमरे लगाने होंगे। रिकॉर्डिंग की व्यवस्था के साथ कम से कम 5 मॉनिटर वाला कंट्रोल रूम भी बनाना होगा।
- पानी और टॉयलेट की व्यवस्था जरूरी: रैली में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त पानी के टैंकर और टॉयलेट की व्यवस्था करनी होगी। महिलाओं के लिए अलग टॉयलेट ब्लॉक बनाने होंगे।
- वॉलंटियर्स की होगी तैनाती: रैली को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर्स तैनात करने होंगे। सभी वॉलंटियर्स की पहचान एक जैसी ड्रेस या बैज से होनी चाहिए।
- हिंसा और हंगामे पर रोक: आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि रैली शांतिपूर्ण रहे। किसी भी तरह की हिंसा, हंगामा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- जाति-धर्म पर भड़काऊ भाषण नहीं: मंच से ऐसा कोई भाषण नहीं दिया जा सकेगा, जिससे जाति, धर्म या रंग के आधार पर लोगों के बीच तनाव पैदा हो या सामाजिक सौहार्द बिगड़े।
- भड़काऊ भाषण पर तुरंत कार्रवाई: अगर कोई वक्ता भड़काऊ या धमकी भरा भाषण देता है, तो आयोजकों को तुरंत माइक बंद करना होगा और उस वक्ता को मंच से हटाना होगा।
- रामलीला मैदान से बाहर मार्च नहीं: रैली के दौरान रामलीला मैदान से किसी दूसरे स्थान की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं होगी।
- गाड़ियों की पार्किंग तय जगह पर: रैली में आने वाली बसों, कारों, टेम्पो और अन्य वाहनों को ट्रैफिक पुलिस की ओर से तय जगह पर ही पार्क करना होगा।
- पुलिस के निर्देश मानने होंगे: आयोजकों को दिल्ली पुलिस के साथ पूरा सहयोग करना होगा।
- नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई: शर्तों का उल्लंघन करने पर आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
- कार्यक्रम की पूरी जानकारी देनी होगी: आयोजकों को आमंत्रित लोगों और वॉलंटियर्स की सूची, मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम, बसों की संख्या और उनके रजिस्ट्रेशन नंबर पुलिस को देने होंगे।
- कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी: आयोजकों को सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करना होगा। साथ ही, रैली में शामिल लोगों को नियंत्रित रखने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम करने होंगे।
इससे पहले जामिया मामले को लेकर एक खबर काफी चर्चा में रही थी और इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी और मोहिबुल्ला नदवी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
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