रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। सोमवार को उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी समर्थन के लिए बीजेपी कार्यालय पहुंचे और कागजी कार्यवाही को समझा। परिमल नाथवानी की एंट्री ने झारखंड में मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
BJP कार्यालय में बनी रणनीति
सोमवार सुबह परिमल नाथवानी के झारखंड बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचने के साथ ही उनके चुनाव लड़ने को लेकर चल रहे तमाम अटकलों पर विराम लग गया। नाथवानी ने पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात की और नामांकन से जुड़ी औपचारिकताओं और आवश्यक दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया। इसके बाद वे विधानसभा के लिए रवाना होंगे, जहां वे आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
Image Source : reporter inputबीजेपी कार्यालय पहुंचे परिमल नाथवानी
बीजेपी ने परिमल नाथवानी पर क्यों लगाया दांव?
भाजपा द्वारा सीधे तौर पर उम्मीदवार उतारने के बजाय नाथवानी को समर्थन देना एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है, जो कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगी। नाथवानी की एंट्री के बाद बीजेपी के चुनावी समीकरण पूरी तरह पलट गए हैं। वह पहले भी साल 2008 और 2014 में झारखंड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा का सफर तय कर चुके हैं। ऐसे में बीजेपी ने अब एक सुरक्षित और जिताऊ समीकरण पर दांव लगाया है।
24 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 18 जून को चुनाव
बता दें कि देश की 24 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 18 जून को होने हैं और सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रही हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि दोनों सीटों पर दावा करके JMM राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करना चाहता है। वहीं कांग्रेस के लिए भी झारखंड से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि गठबंधन के भीतर उसका प्रभाव बना रहे। अब देखना होगा कि JMM और कांग्रेस आपसी सहमति बनाकर इस विवाद को सुलझाते हैं या फिर राज्यसभा चुनाव से पहले यह खींचतान और बढ़ती है।
(रिपोर्ट- मुकेश सिन्हा)
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