महाराष्ट्र में सुनेत्रा पवार ने हाल ही में राज्यसभा से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद राज्यसभा की एक सीट रिक्त हो गई थी। अब इस सीट के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की ओर से राजेन्द्र जैन के नाम पर मुहर लगी है। एनसीपी (अजित पवार गुट) ने राजेन्द्र जैन को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। जानकारी के मुताबिक पार्टी की कोर कमिटी की बैठक में राजेन्द्र जैन के नाम को लेकर फैसला लिया गया है। हाल ही में सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा की सदस्य्ता से इस्तीफा देकर बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ा था। इस सीट पर उन्होंने जीत भी हासिल की।
राजेन्द्र जैन के नाम पर मुहर
वहीं राजेन्द्र जैन की बात करें तो यह विधान परिषद के पूर्व विधायक रहे हैं। राजेन्द्र जैन प्रफ्फुल पटेल के करीबी माने जाते हैं। यहां उल्लेखनीय है कि पार्टी के बड़े ओबीसी चेहरों में शुमार मंत्री छगन भुजबल खुद या अपने भतीजे समीर भुजबल को राज्यसभा में भेजना चाहते थे, हालांकि अब राजेन्द्र जैन के नाम पर फाइनल मुहर लग गई है। पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि पार्टी की बैठक में राजेन्द्र जैन के नाम पर मुहर लगी है, वे महायुति के उम्मीदवार हैं। वहीं छगन भुजबल के नाराजगी के मुद्दे पर सुनील तटकरे ने कहा कि वे पार्टी के फैसले के साथ हैं और वे नाराज नहीं हैं।
फडणवीस से हुई थी मुलाकात
बता दें कि इससे पहले शनिवार को नेतृत्व ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की थी। बता दें कि महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के कारण उपचुनाव की आवश्यकता हुई है। सुनेत्रा पवार ने जनवरी में बारामती में विमान हादसे में अपने पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राज्य सरकार में कार्यभार संभाला था। इससे पहले दिन में एनसीपी के शीर्ष नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, छगन भुजबल और राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार ने पटेल के आवास पर मुलाकात की।
भुजबल के आवास पर चर्चा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दक्षिण मुंबई में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'वर्षा' में फडणवीस से बातचीत के बाद सभी नेता छगन भुजबल के आवास पर चर्चा में जुट गए। उन्होंने बताया कि भुजबल के घर पर हुई बैठक महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार के रूप में उपचुनाव के प्रमुख दावेदारों में से एक थे। बता दें कि महाराष्ट्र में एनसीपी, भाजपा और शिवसेना सत्ताधारी सहयोगी दल हैं।
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