लंदन: जब कोई अपनी कई चीज भूल जाता है, तो हम तुरंत बोलते है कि बुढ़ापा आ गया है। तभी दिमाग काम करना बंद कर दिया है। ये बात शोध में भी साबित हो गई है। जिस तरह हमारी त्वचा का लचीलापन और दृढ़ता समय के साथ खत्म होने लगती है, उसी तरह उम्र बढ़ने के साथ हमारा दिमाग भी शिथिल होना शुरू हो जाता है।
यह शोधकर्ताओं का कहना है। एक हाल के अध्ययन में पता चला है कि मनुष्य की उम्र, मस्तिष्क की परतों और सेरेब्रल कॉर्टेक्स में तनाव- हमारे दिमाग के बाह्य परत के न्यूरल ऊतक में कमी दिखाई देने लगती है।
प्रारंभिक अनुसंधान से पता चलता है कि स्तनधारी प्रजातियों के कॉर्टेक्स में तह बनना एक सर्वव्यापक नियम है- यह आकार और आकृति में एक समान होते हैं।
ब्रिटेन के न्यूकैसल विश्वविद्यालय के प्रमुख लेखक युजियांग वांग ने कहा, "हम इस नियम का प्रयोग मानव मस्तिष्क में परिवर्तन का अध्ययन के लिए कर सकते हैं।"
शोधकर्ताओं ने कहा कि हालांकि इसका प्रभाव ज्यादा अल्जाइमर रोग के व्यक्तियों में पाया गया है।
वांग ने कहा, "अल्जाइमर रोग में यह प्रभाव शुरुआती आयु में देखा गया है और अधिक स्पष्ट होता है। इसके अलगे चरण में तहों में बदलाव को देखना शामिल है, जो इस बीमारी का शुरुआती संकेत देता है।"
अध्ययन में यह भी पता चला है कि पुरुष और महिलाओं के मस्तिष्क में आकार और सतह क्षेत्र और तह की डिग्री में अंतर होता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि वास्तव में, महिलाओं का मस्तिष्क समान उम्र के पुरुषों की तुलना में थोड़ा कम तह (मुड़ा) होता है। इसके बावजूद महिलाओं और पुरुष के मस्तिष्क एक ही तरह के नियम का पालन करते हैं।
शोधकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन में मस्तिष्क के अंतर्निहित क्रियाविधि पर प्रकाश डाला गया है जो दिमाग के तहों पर प्रभाव डालता है। इसका इस्तेमाल भविष्य में मस्तिष्क रोगों की पहचान के लिए की जा सकेगी।
शोधपत्र का प्रकाशन पत्रिका 'जर्नल पीएनएएस' में हुआ है।
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