पीएम मोदी (PM) सेहत और देसी चीजों को बढ़ावा देने में सबसे आगे रहते हैं। बात चाहे योगा की हो या फिर देसी अनाजों की, वे हमेशा पारंपरिक होना पसंद करते हैं। ऐसा ही कुछ आज हुआ जब पीएम ने खुद ही कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा आयोजित स्पेशल लंच का लुत्फ उठाया। दरअसल, इस लंच की खास बात यह थी कि इसमें मोटे अनाज (millets) को शामिल किया गया था। इस लंच में रागी, ज्वार और बाजरा जैसे मोटे अनाजों से कई व्यंजन तैयार किए गए थे। इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र की एक खास घोषणा को दोहराने का संकल्प था। कैसे, जानते हैं।
UN ने 2023 को International Year of Millets घोषित किया
संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने आने वाले साल 2023 को International Year of Millets घोषित किया है। इसे मनाने के पीछे आम लोगों में मोटे अनाजों के सेवन और इसकी खेती को प्रोत्साहित करना है। इसके बाद खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के मुख्यालय में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक लंच आयोजत की जिसमें मोटे अनाज जैसे बाजरा, रागी, ज्वादा और हल्दी आदि से बने व्यंजनों को शामिल किया गया।
PM मोदी ने लंच में लिया इन खास व्यंजनों का आनंद
इस लंच के दौरान जो व्यंजन बनाए गए उनमें बाजरा से बनी खिचड़ी, रागी डोसा, रागी रोटी, ज्वार की रोटी, हल्दी की सब्जी, बाजरा, चूरमा शामिल थे। मीठे व्यंजनों में बाजरा खीर, बाजरा केक सहित अन्य व्यंजन भी शामिल थे।
इसके बारे खुद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया और बताया "संसद में एक शानदार दोपहर के भोजन में भाग लिया जहां मोटे अनाजों के व्यंजन परोसे गए"। "जैसा कि हम 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के रूप में चिह्नित करने की तैयारी कर रहे हैं, संसद में एक शानदार दोपहर के भोजन में शामिल हुए, जहां बाजरे के व्यंजन परोसे गए। पार्टी लाइनों से भागीदारी देखकर अच्छा लगा।"
मोटे अनाज खाने के फायदे- Millet health benefits in hindi
बता दें कि मोटे अनाजों में ज्वार, बाजरा, रागी और जौ जैसे अनाज आते हैं। ये अनाज सेहत के लिहाज से काफी फायदेमंद होते हैं। इनमें फाइबर होता है। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और ये डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। साथ ही ये पाचन क्रिया को तेज करता है और मोटापा कम करने में मदद करता है।
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