Mahamrityunjay Mantra: 14 जुलाई से शिवजी का पवित्र माह सावन शुरू हो चुका है। हिंदू धर्म में इस महीने को बेहद ही पवित्र माना गया है। मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने के दौरान भगवान भोलेनाथ की पूजा आराधना और मंत्र जाप करने का विशेष महत्व होता है। इन्हीं मंत्रों में से एक महामृत्युंजय मंत्र (Mahamrityunjay Mantra) है। ऐसा कहा जाता है कि महामृत्युंजय मंत्र में अकाल मृत्यु को टालने की शक्ति होती है। साथ ही इस मंत्र से भक्तों को आरोग्य का वरदान भी प्राप्त होता है।
मान्यताओं के अनुसार, अगर इस मंत्र का जाप पूरे विधि-विधान और सही तरीके से किया जाए तो बड़े से बड़ा संकट टल जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं महामृत्युंजय मंत्र को जपने की विधि और इसका सही तरीका।
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
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महामृत्युंजय मंत्र जप करते समय ध्यान रखें ये बातें
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महामृत्युंजय मंत्र का जाप कभी भी धरती पर बैठकर नहीं करना चाहिए। इस मंत्र को हमेशा किसी ऊंचे आसन या कुश का आसान बिछाकर उसके ऊपर बैठकर ही करना चाहिए। साथ ही इस मंत्र के जप की एक जगह निर्धारित करें और रोजाना उसी जगह पर बैठकर महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण करें।
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि आपका मुंह पूर्व दिशा की ओर हो।
- कभी भी मंत्र का जाप करते समय अपने ध्यान को न भटकाएं और एकाग्र रहें।
- इस बात का ध्यान रखें कि आप महामृत्युंजय मंत्र का जप जितने दिन भी करें उतने दिन मांस-मदिरा से दूर रहें।
- महामृत्युंजय मंत्र का जप करते समय इस मंत्र का उच्चारण सही तरीके से करें।
- महामृत्युंजय मंत्र का जप करते समय जातकों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि एक निश्चित संख्या निर्धारित करके ही इस मंत्र के जाप का प्रण लें। आप चाहें तो इस मंत्र के जप की संख्या को बढ़ा सकते हैं, लेकिन इस मंत्र के जप की संख्या को कम न करें।
- महामृत्युंजय मंत्र का जप करते समय धूप, दीप आदि जलाएं।
- इस मंत्र का जाप हमेशा रुद्राक्ष माला से ही करें।
- इस मंत्र का जाप उस स्थान पर करें जहां शिवजी की मूर्ति या महामृत्युंजय मंत्र रखा हो।
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय शिवलिंग का दूध मिले जल से अभिषेक भी करते रहें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। । इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।
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