IMF ने अफगानिस्तान से तोड़ा नाता, तालिबान सरकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने के बाद दोबारा शुरू होगा काम
IMF ने अफगानिस्तान से तोड़ा नाता, तालिबान सरकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने के बाद दोबारा शुरू होगा काम
India TV Paisa Desk
Published : Sep 17, 2021 11:09 am IST, Updated : Sep 17, 2021 11:09 am IST
तालिबान ने 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था, और पश्चिम समर्थित पिछले निर्वाचित नेतृत्व को सत्ता से बाहर कर दिया।
Image Source : PTIIMF suspends its engagement with Afghanistan
वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कहा कि तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार की मान्यता पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में स्पष्टता आने तक अफगानिस्तान के साथ उसका जुड़ाव निलंबित रहेगा। आईएमएफ ने कहा कि वह अफगानिस्तान के आर्थिक हालात से बेहद चिंतित है और उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से देश में किसी मानवीय संकट को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।
आईएमएफ के प्रवक्ता गेरी राइस ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अफगानिस्तान के साथ हमारा जुड़ाव तब तक स्थगित कर दिया गया है, जब तक कि सरकार की मान्यता पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भीतर स्पष्टता नहीं हो जाती। उन्होंने कहा हम अफगानिस्तान में सरकार की मान्यता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा निर्देशित हैं और अभी हमारे पास कोई स्पष्टता नहीं है। इसलिए, वहां आईएमएफ कार्यक्रम को रोक दिया गया है। देश इस समय आईएमएफ संसाधनों, एसडीआर आदि तक पहुंच हासिल नहीं कर सकता है।
तालिबान ने 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था, और पश्चिम समर्थित पिछले निर्वाचित नेतृत्व को सत्ता से बाहर कर दिया। कई वैश्विक नेताओं ने घोषणा की है कि वे तालिबान के शासन को राजनयिक मान्यता देने से पहले देखेंगे कि वह एक समावेशी अफगान सरकार और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से किए गए अपने वादों को पूरा करता है या नहीं।
अफगानिस्तान पहले से ही गंभीर गरीबी और सूखे का सामना कर रहा था लेकिन जब पिछले महीने देश पर तालिबान ने कब्जा किया तब स्थिति और विकट हो गई। लाखों लोगों के देश छोड़ने से आर्थिक गतिविधियां भी लगभग ठप हैं। विदेशी दानदाताओं ने भी अफगानिस्तान को मदद रोक दी है।