पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वीकार किया कि विदेशों में कर्ज मांगना देश के आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि असीम मुनीर के साथ मदद की गुहार लगाना शर्मनाक है। पाकिस्तान IMF, चीन और अरब देशों पर आर्थिक रूप से निर्भर बना हुआ है।
आईएमएफ के इस ताजा अनुमान में कहा गया है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने की स्थिति में है। महंगाई के मोर्चे पर वैश्विक स्तर पर राहत की उम्मीद जताई गई है।
भारत को एक बार फिर बताना पड़ा कि वो जमाना चला गया जब World Bank और IMF भारत को नीचा दिखाकर निकल जाते थे। अश्विनी वैष्णव ने याद दिलाया कि अब भारत आंख में आंख डालकर बात करता है।
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजों और चौथी तिमाही में मजबूत गति को ध्यान में रखते हुए आईएमएफ ने देश की जीडीपी ग्रोथ में ये बदलाव किया है।
वर्ल्ड बैंक से 70 करोड़ डॉलर लेने के बाद पाकिस्तान इस राशि में से 60 करोड़ डॉलर संघीय कार्यक्रमों के लिए खर्च करेगा और 10 करोड़ डॉलर का इस्तेमाल सिंध प्रांत में एक प्रांतीय कार्यक्रम के समर्थन के लिए किया जाएगा।
बता दें कि पाकिस्तान की जनसंख्या वृद्धि दर वर्तमान में 2.55 प्रतिशत है। यह दुनिया में सबसे अधिक में से एक है। इससे हर साल पाकिस्तान की आबादी करीब 60 लाख बढ़ रही है। अब कंडोम महंगे होने से बड़ा जनसंख्या विस्फोट हो सकता है।
IMF ने अब तक पाकिस्तान को 3.3 अरब डॉलर जारी किए हैं। पाकिस्तान को कुल 7 अरब डॉलर 39 महीनों की अवधि में मिलने हैं। पिछले डेढ़ साल में आईएमएफ द्वारा लगाए गए कुल शर्तों की संख्या अब 64 हो गई है।
IMF बोर्ड ने पाकिस्तान के 7 अरब डॉलर के एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (ईएफएफ) के तहत 1 अरब डॉलर और रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (आरएसएफ) के तहत 200 मिलियन डॉलर जारी करने की मंजूरी दी।
आईएमएफ ने जुलाई में भी भारत के विकास अनुमान को 20 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.4% कर दिया था। आईएमएफ से कुछ ही दिन पहले, विश्व बैंक ने भी भारत के FY2026 के जीडीपी अनुमान को जून के 6.3% से बढ़ाकर 6.5% कर दिया था।
IMF ने भारत के GDP विकास अनुमान को 6.4% से बढ़ाकर 6.6% कर दिया है। यह संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने अमेरिकी टैरिफ का असर झेलते हुए मजबूत रफ्तार बनाए रखी है। विश्व बैंक ने भी भारत की वृद्धि दर को 6.3% से बढ़ाकर 6.5% किया है।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 28 अगस्त के दिन से अर्थशास्त्री और पूर्व RBI गवर्नर उर्जित पटेल को तीन वर्षों की अवधि के लिए IMF के कार्यकारी निदेशक पद पर नियुक्ति की मंजूरी दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 अगस्त को खत्म सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.322 अरब डॉलर की भारी गिरावट के साथ 688.871 अरब डॉलर पर आ गया। हाल के समय में यह सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावटों में से एक है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 7 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज लेने वाला पाकिस्तान आईएमएफ के लक्ष्य को पूरा नहीं कर सका है। इससे उसे अगली किस्तें मिलने में समस्या हो सकती है।
IMF ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों का असर अनुमान से कम रहने के आधार पर वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिका की आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान को 70 करोड़ डॉलर के लोन के लिए मिली मंजूरी के बाद प्राइवेट सेक्टर से बड़ा निवेश आने की उम्मीद है।
पाकिस्तान को भारत से दुश्मनी महंगी पड़ने वाली है। एक तरफ जहां वहां की जनता महंगाई से हलकान है तो वहीं सरकार को अब बजट आईएमएफ के हिसाब से बनाना पड़ेगा। जानिए क्या हैं IMF की शर्तें?
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान को कर्ज देने के बाद अब उस पर 11 नई शर्तों का बोझ लाद दिया है। आईएमएफ ने साफ कहा है कि अगर ये शर्तें पूरी नहीं होतीं तो उसे अगली किश्त जारी नहीं हो सकेगी।
आईएमएफ के पास आने वाले पैसे का प्राइमरी सोर्स मेंबर कोटा है। मेंबर कोटा एक तरह की फीस होती है, जो सदस्य देश को मेंबरशिप के लिए देनी होती है।
आईएमएफ ने कहा कि बांग्लादेश में विद्रोह से प्रभावित होकर, वास्तविक जीडीपी वृद्धि वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में साल-दर-साल (वाई-ओ-वाई) 3. 3 प्रतिशत तक धीमी हो गई।
इस बीच, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने कहा है कि आईएमएफ से मिली दूसरी किस्त की राशि, 16 मई को समाप्त होने वाले सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में दर्ज की जाएगी।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़