नई दिल्ली। उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई (PHDCCI) ने कोविड-19 की तीसरी लहर से बचने के लिए सरकार को पांच-स्तरीय रणनीति का सुझाव दिया है। इसमें 500 से अधिक सक्रिय मामले होने पर जिले में लॉकडाउन लगाने की भी सलाह दी गई है। पीएचडीसीसीआई ने सरकार से अगले तीन से चार महीने के दौरान कम से कम आधी आबादी को कोरोना रोकथाम का टीका लगाने, सख्ती के साथ चेहरे पर मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और नियंत्रित क्षेत्रों में सख्ती के साथ दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है।
पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बुधवार को एक बयान में कहा कि नियंत्रण क्षेत्र कोविड-19 को किसी भौगोलिक क्षेत्र में बढ़ने से रोकने में मदद करेंगे। किसी भी जिले में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 500 से अधिक होने पर तुरंत लॉकडाउन लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगले तीन-चार महीने के दौरान स्वास्थ ढांचे की क्षमता और गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को अस्पतालों में ऑक्सीजन, बिस्तर, आईसीयू बिस्तर और डॉक्टरों समेत अन्य चिकित्सीय कर्मियों की उपलब्धता को भी सुनिश्चित करना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके।
उप्र कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने को तैयार
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है और इसके लिए संसाधन जुटाने के वास्ते वह करों में बढ़ोतरी नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मरीजों की सुविधा के लिए कोविड संबंधी आवश्यक वस्तुओं पर करों में कटौती के पक्ष में है। हालांकि, वह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों के संबंध में जीएसटी परिषद के निर्णय को स्वीकार करेगी।
खन्ना ने कहा कि जैसे ही विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की कि देश में कोविड की तीसरी लहर भी आ सकती है, उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए जरूरी उपाए करने शुरू कर दिए। राज्य सरकार ने 50 पृथ्क्करण बिस्तर और 50 आईसीयू बिस्तरों और 10 होल्डिंग क्षेत्र बिस्तरों .की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को जरूरी प्रशिक्षण भी दे रही है। खन्ना ने कहा कि हमारे पास तीसरी लहर के लिए पूरी तैयारी है। किसी ने दूसरी लहर की भविष्यवाणी नहीं की थी, लेकिन अगर तीसरी लहर आती है तो हम पूरी तरह तैयार हैं।
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