1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. बेंगलुरु से उड़ान भरने वालों के लिए गुड न्यूज! AERA ने यूजर डेवलपमेंट फीस घटाई, 1 सितंबर से लागू होंगे नए नियम

बेंगलुरु से उड़ान भरने वालों के लिए गुड न्यूज! AERA ने यूजर डेवलपमेंट फीस घटाई, 1 सितंबर से लागू होंगे नए नियम

बेंगलुरु एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) में बड़ी कटौती की है। नए शुल्क 1 सितंबर 2026 से लागू होंगे।

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर...- India TV Hindi
Image Source : ANI बेंगलुरु एयरपोर्ट पर यूजर डेवलपमेंट फीस घटी

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) से यात्रा करने वाले लाखों हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AERA) ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट की यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) में बड़ी कटौती की है। नई दरें 1 सितंबर 2026 से लागू होंगी।

AERA के फैसले के मुताबिक, बेंगलुरु एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले घरेलू यात्रियों के लिए UDF अब 300 रुपये प्रति यात्री होगी। अभी यह शुल्क 550 रुपये है। यानी यात्रियों को सीधे 250 रुपये की राहत मिलेगी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से रवाना होने वाले यात्रियों के लिए UDF 997 रुपये तय की गई है। मौजूदा 1,500 रुपये के मुकाबले यह काफी कम है। एयरपोर्ट ऑपरेटर BIAL ने घरेलू यात्रियों के लिए 450 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 1,215 रुपये शुल्क प्रस्तावित किया था।

आने वाले यात्रियों पर भी लगेगा शुल्क

नई व्यवस्था में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतरने वाले यात्रियों के लिए भी UDF तय की गई है। घरेलू यात्रियों से 125 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से 426 रुपये लिए जाएंगे। BIAL के अनुसार, नई व्यवस्था में घरेलू यात्रियों से आने और जाने का कुल UDF 425 रुपये होगा, जबकि पहले केवल रवाना होने वाले यात्री से 550 रुपये लिया जाता था। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए कुल शुल्क 1,423 रुपये होगा, जो मौजूदा 1,500 रुपये से कम है।

पहली बार लागू हुआ नया ARR सिस्टम

AERA ने इस बार पहली बार इंक्रीमेंटल ARR (औसत राजस्व आवश्यकता) व्यवस्था लागू की है। इसके तहत एयरपोर्ट के बड़े प्रोजेक्ट पूरे होने और यात्रियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होने के बाद ही उनकी लागत को टैरिफ में शामिल किया जाएगा। इसका मतलब है कि यात्रियों से ऐसे प्रोजेक्ट की लागत पहले ही नहीं वसूली जाएगी, जो अभी शुरू या पूरे नहीं हुए हैं। इससे यात्रियों को समय से पहले अतिरिक्त शुल्क का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

बड़े प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद बदल सकता है शुल्क

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर ECT, T2 फेज 2 टर्मिनल और T2 फेज 2 एप्रन जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनके पूरा होने के बाद ही संबंधित लागत के आधार पर अतिरिक्त टैरिफ वसूली शुरू होगी।

यह भी पढ़ें- दिल्ली एयरपोर्ट की बदलेगी तस्वीर! यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़कर होगी 12.5 करोड़, टर्मिनल-4 को लेकर भी बड़ा प्लान

Latest Business News