Yoga for stress and anxiety in hindi: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और चिंता होना आम बात है। काम के दबाव, निजी जीवन में उथल-पुथल और अन्य कई कारणों से लोगों को चिंता का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की सेहत बिगड़ सकती है। यह समस्या किसी को भी किसी भी उम्र में और किसी भी कारण से हो सकती है। हेल्थलाइन के मुताबिक योग करने से तनाव से राहत मिलती है और वीरासन, बालासन और त्रिकोणासन के जरिए आप चिंता को कम कर सकते हैं।
एंग्जायटी और तनाव को दूर करने वाले 3 योग-Yoga for stress and anxiety in hindi
1. वीरासन (हीरो पोज़)
वीरासन करने से पैर, टखने और घुटने मजबूत बनते हैं। इसके अभ्यास से पाचन क्रिया भी ठीक रहती है। इससे घबराहट भी कम होती है।
वीरासन करने के लिए योगा मैट बिछाकर घुटनों के बल बैठ जाएं। इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं। अपने हाथों को घुटनों पर रखें। कूल्हों को एड़ियों के बीच लाएं। अब अपने घुटनों के बीच की दूरी को कम करें। नाभि को अंदर की ओर खीचें। इस आसन को आप 5 मिनट तक कर सकते हैं। अब आराम करो। यदि आप असहज महसूस करते हैं, तो कूल्हों के नीचे एक तकिया या ब्लॉक रखें।
2. बालासन (बच्चे की मुद्रा)
बालासन करने से शरीर को आराम मिलता है। इससे तनाव और चिंता भी कम होती है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं। अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं। इसके बाद सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। अब हथेलियों और माथे को जमीन पर टिका लें। श्वास का ध्यान रखें।
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3. त्रिकोणासन (वृक्ष मुद्रा)
वृक्षासन करने से टखने मजबूत बनते हैं। इसके अभ्यास से शरीर का संतुलन भी सही रहता है। साथ ही तनाव और चिंता भी नियंत्रित रहती है। इस आसन को करने के लिए सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं। अब धीरे-धीरे सीधे पैर के घुटने को मोड़ते हुए पंजे को बाएं पैर की जांघ पर रखें और इस पैर को सीधा रखें। अपनी सांस रोके। दोनों हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं। अब नमस्कार की मुद्रा बनाएं। इसके बाद पैर को नीचे लाते हुए सांस छोड़ें।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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