Kangra tea GI tag: हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा टी (kangra tea),अब दुनियाभर में मशहूर हो गई है। जी हां, जीआई टैग मिलने के साथ दुनियाभर में इसके लिए दरवाजे खुल गए हैं और खास कर कि यूरोपियन बाजारों में अब इसे हरि झंडी मिल जाएगी। लेकिन, ध्यान देने वाली बात ये है कि इस चाय में ऐसा क्या है जो इसे बाकी चाय से अलग बनाता है। जी हैं, कांगड़ा टी वाली पत्तियों को लोग इसे ग्रीन टी और ब्लैक टी जैसी तमाम प्रकारों की चाय में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, सवाल ये है क्यों? आइए, जानते हैं।
कांगड़ा टी में हैं ये दुर्लभ गुण-Kangra tea benefits in hindi
1. सबसे ज्यादा कैटेचिन
कांगड़ा टी में सबसे ज्यादा कैटेचिन (Catechins) होता है। ये एक प्रकार का पॉलीफेनोल या फ्लेवोनोइड्स की तरह है जिसकी वजह से इसका स्वाद और रंग आता है। कैटेचिन, वही तत्व है जिसकी वजह से लोग ग्रीन टी पीते हैं।
2. इम्यूनिटी बूस्टर एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
कांगड़ा टी में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो कि इसे इम्यूनिटी बूस्टर भी बनाता है। हिमाचल में आज भी लोग इसे एक इन्यूनिटी बूस्टर टी के रूप में लेते हैं जो कि सेहत के लिहाज से कई प्रकार से फायदेमंद है।
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3. कांगड़ा टी में हैं ये विटामिन और मिनरल्स
कांगड़ा टी में कई विटामिन और खनिज होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। जैसे, कैल्शियम, फोलिक एसिड, विटामिन बी 1, विटामिन बी 2, विटामिन बी 6 और जिंक कांगड़ा टी पीने के फायदे और भी हैं। जैसे कि ये सर्दी-जुकाम को कम करने के साथ वेट लॉस में भी मददगार है। इसके अलावा इसके एंटीऑक्सीडेंट दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है। साथ ही ये स्ट्रेस कम करता है, नींद को बेहतर बनाता है और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मददगार है।
कांगड़ा टी बनाने का तरीका-How to make kangra tea
कांगड़ा टी बनाने के लिए हर कप के लिए एक चम्मच कांगड़ा ग्रीन टी मिला कर पानी में उबाल लें। फिर इसे एक मिनट के लिए ठंडा होने दें। फिर इसे आप पिएं। स्वाद बढ़ाने के लिए आप शहद का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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