Live TV
GO
Advertisement
Hindi News पैसा बिज़नेस 2017-18 में 1.07 करोड़ नये करदाता...

2017-18 में 1.07 करोड़ नये करदाता जुड़े, आईटीआर छोड़ने वालों की संख्‍या घटकर पहुंची 25 लाख

नोटबंदी को लेकर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के बीच वाद परिवाद का दौर भले ही जारी हो, लेकिन टैक्स से जुड़े आकड़ों में इसका सकारात्मक असर साफ दिखाई दे रहा है।

IndiaTV Hindi Desk
IndiaTV Hindi Desk 05 Apr 2019, 7:09:32 IST

नोटबंदी को लेकर विभिन्‍न राजनीतिक पार्टियों के बीच वाद परिवाद का दौर भले ही जारी हो, लेकिन टैक्‍स से जुड़े आकड़ों में इसका सकारात्‍मक असर साफ दिखाई दे रहा है। आयकर विभाग ने ताजा आकड़ों की घोषणा करते हुए कहा कि 2017-18 में उसने 1.07 करोड़ नये करदाता जोड़े जबकि ड्रोप्ड फाइलरों (पहले आईटीआर फाइल करने और बाद में छोड़ देने वालों) की संख्या घटकर 25.22 लाख रह गयी। यह नोटबंदी के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है। 

एक बयान में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में 6.87 करोड़ आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल किये गये जबकि 2016-17 में 5.48 करोड़ आईटीआर फाइल किये गये थे यानी इस मोर्चे पर 25 फीसदी वृद्धि हुई। इसी के साथ 2017-18 में आईटीआर दाखिल करने वाले नये करदाताओं की संख्या बढ़कर 1.07 करोड़ हो गयी जबकि 2016-17 में 86.16 लाख नये करदाता जुड़े थे। 

सीबीडीटी ने कहा, ‘‘नोटबंदी ने कर आधार और प्रत्यक्ष कर संग्रहण के दायरे में विस्तार में असाधारण रूप से सकारात्मक असर डाला। ’’ ड्रोप्ड फाइलर ऐसे करदाता होते हैं जो पहले तो आईटीआर फाइल करने वालों में शामिल होते हैं लेकिन किन्हीं तीन लगातार वित्त वर्ष में आईटीआर फाइल नहीं करते। ऐसे लोगों की संख्या 2016-17 में 28.34 लाख थी जो घटकर 2017-18 में 25.22 लाख रह गयी। 

सीबीडीटी ने कहा कि 2016-17 की तुलना में 2017-18 में विशुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रहण 18 फीसदी बढ़कर 10.03 लाख करोड़ हो गया।