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Hindi News पैसा बिज़नेस कई घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर को गिरफ्तार किया

कई घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर को गिरफ्तार किया

ED ने रविवार तड़के दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HDFL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर को गिरफ्तार कर लिया।

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मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविवार तड़के दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HDFL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर को गिरफ्तार कर लिया। ईडी अधिकारियों ने उनसे कुल 31 घंटे पूछताछ की जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले निदेशालय ने शुक्रवार रात वर्ली इलाके में 'समुद्र महल' परिसर में राणा के आवास की तलाशी ली थी और उनसे वहां भी सख्त सवाल जवाब किए गए थे। बता दें कि संकट से जूझ रहे यस बैंक पर रिजर्व बैंक ने कई तरह की रोक लगा रखी है। 

11 बजे होगी कोर्ट में पेशी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राणा कपूर को रविवार सुबह करीब 11 बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार रात वर्ली इलाके में 'समुद्र महल' परिसर में राणा के आवास की तलाशी ली थी और उससे वहां भी सख्त सवाल जवाब किए गए। इसके अलावा और अधिक जानकारी एवं सबूत जुटाने के लिए कपूर की 3 बेटियों के दिल्ली और मुंबई स्थित परिसरों पर शनिवार को छापे भी मारे गए थे। ईडी इस बात की जांच कर रहा है कि क्या यस बैंक प्रमोटर राणा कपूर और उनकी 2 बेटियों की डमी कंपनी अर्बन वेंचर्स को घोटालेबाजों से 600 करोड़ रुपये मिले थे। 

DHFL घोटाले से जुड़ा है मामला
अधिकारियों ने कहा कि कपूर के खिलाफ मामला घोटाले से प्रभावित DHFL से जुड़ा हुआ है, क्योंकि बैंक द्वारा कंपनी को दिया गया कर्ज कथित रूप से गैर-निष्पादित आस्तियां (NPA) घोषित कर दिया गया है। DHFL द्वारा एक कंपनी को 600 करोड़ रुपये का ऋण देना भी ईडी की जांच के दायरे में है। कपूर के खिलाफ PMLA के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी कुछ क\रपोरेट संस्थाओं को दिए गए ऋण और कथित रूप से रिश्वत के रूप में कुछ धनराशि कपूर की पत्नी के खातों में जमा किए जाने के संबंध में राणा की भूमिका की जांच भी कर रही है।

अन्य चीजें भी जांच के दायरे में
अधिकारियों ने कहा कि अन्य कथित अनियमितताएं भी एजेंसी की जांच दायरे में हैं, जिसमें एक मामला उत्तर प्रदेश बिजली निगम में कथित पीएफ धोखाधड़ी से संबंधित है। सीबीआई ने हाल में उत्तर प्रदेश में 2,267 करोड़ रुपये के कर्मचारी भविष्य निधि घोटाले की जांच शुरू की है, जहां बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों की मेहनत की कमाई को दीवान हाउसिंग फाइनैंस कॉरपोरेशन (DHFL) में निवेश किया गया। बता दें कि रिजर्व बैंक ने यस बैंक पर तमाम अंकुश लगाते हुए बैंक के जमाकर्ताओं के लिए तीन अप्रैल तक निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय की है।

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