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Hindi News पैसा बिज़नेस एस्सार ने चुकाया 1.4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज, एस्सार कैपिटल के निदेशक प्रशांत रुइया ने दी जानकारी

एस्सार ने चुकाया 1.4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज, एस्सार कैपिटल के निदेशक प्रशांत रुइया ने दी जानकारी

एस्सार समूह ने अपनी संपत्तियों को बेचकर अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज चुका दिया है और बचा 10-15 प्रतिशत कर्ज अगली दो तिमाहियों में चुका दिया जाएगा।

Essar Capital Director Prashant Ruia- India TV Paisa Essar Capital Director Prashant Ruia

नई दिल्ली। एस्सार समूह ने अपनी संपत्तियों को बेचकर अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज चुका दिया है और बचा 10-15 प्रतिशत कर्ज अगली दो तिमाहियों में चुका दिया जाएगा। एस्सार कैपिटल के निदेशक प्रशांत रुइया ने यह जानकारी दी। 

रुइया ने समूह की वेबसाइट पर डाली गई एक आंतरिक बातचीत में कहा, 'मुझे लगता है कि पिछले तीन साल में कर्ज से बाहर निकलने की दिशा में प्रयास करने के मामले में हम पहली कंपनी हैं। हमने कर्ज घटाने के मामले में कुछ निर्णयात्मक कदम उठाये हैं। इसकी शुरुआत 12.9 अरब डॉलर में एस्सार ऑयल को रोसनेफ्ट व त्राफिगुरा को बेचने से हुई।' उन्होंने कहा, 'इसके बाद हमने अपनी बीपीओ इकाई एजिस को बेचा। हमने कुछ और भी संपत्तियों की बिक्री की। इससे प्राप्त राशि का इस्तेमाल कर हमने करीब 1,40,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया। यह किसी भी कंपनी द्वारा चुकाया गया सर्वाधिक कर्ज है।' 

रुइया ने कहा कि कर्ज चुकाने का कार्य संपन्न करने के बाद समूह पुन: निवेश चक्र शुरू करेगा। उन्होंने सरकार द्वारा हाल ही में कॉरपोरेट कर की दरें घटाने को कॉरपोरेट जगत के लिये बड़ा व सकारात्मक कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल में सरकारी नीतियों में किये गये बदलाव से कई नियामकीय अनिश्चितताएं दूर हुई हैं। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि नये निवेशों के समक्ष वे जोखिम नहीं होंगे, जिनका सामना पुराने निवेशों को करना पड़ा। 

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही घरेलू मांग को देखते हुये नया निवेश करने तथा देश में वृद्धि व निवेश के लिये मजबूत माहौल बना है। रुइया ने कहा कि 2010-11 में जब भारत की आर्थिक वृद्धि दर 10 प्रतिशत को छू गई थी तब इस उम्मीद में कि देश की आर्थिक वृद्धि इसी स्तर पर बनी रहेगी एस्सार ने 24 अरब डॉलर का व्यापक निवेश कार्यक्रम बनाया। यह निवेश कार्यक्रम तेल एवं गैस, बिजली, इस्पात और बंदरगाह क्षेत्र के लिये बनाया गया। उन्होंने कहा कि रुकावटों के बावजूद विस्तार कार्यक्रम को अगले कुछ सालों में पूर किया गया।

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