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किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने प्याज के निर्यात पर 31 मार्च तक बढ़ाईं रियायतें

प्याज की थोक कीमतों पर अंकुश लगाने तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर दी जा रही रियायतें तीन महीने के लिए बढ़ा दी

किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने प्याज के निर्यात पर 31 मार्च तक बढ़ाईं रियायतें- India TV Hindi
किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने प्याज के निर्यात पर 31 मार्च तक बढ़ाईं रियायतें

नई दिल्‍ली। प्याज की थोक कीमतों पर अंकुश लगाने तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर दी जा रही रियायतों को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब प्याज के निर्यात पर रियायतें 31 मार्च तक जारी रहेंगी।

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थोक बाजार में 7.40 प्रति किग्रा पर आ गई थीं कीमतें

  • एशिया के सबसे बड़े महाराष्ट्र के लासलगांव प्याज बाजार में पिछले महीने इसकी थोक कीमत 42 प्रतिशत घटकर 7.40 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई।
  • एक साल पहले समान अवधि में इसकी औसत कीमत 12.80 रुपए प्रति किलोग्राम थी।
  • देश के प्रमुख प्याज उत्पादक महाराष्ट्र ने केंद्र सरकार से भारत से वस्‍तुओं की निर्यात योजना (MEIS) के तहत पांच प्रतिशत के निर्यात प्रोत्साहन को 31 मार्च से आगे बढ़ाने की मांग की थी।
  • यह प्रोत्साहन ताजा तथा भंडार वाले प्याज दोनों के लिए है।

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विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक नई सार्वजनिक सूचना में कहा है

प्याज पर बंदरगाह तक पहुंचाने तक पांच प्रतिशत का एमईआईएस लाभ ताजा व भंडार वाले प्याज पर तीन महीने के लिए और बढ़ाकर 31 मार्च, 2017 तक किया जा रहा है।

फिलहाल 2016-17 के खरीफ सत्र के लिए प्याज की आवक काफी तेजी से हो रही है। न केवल महाराष्ट्र बल्कि कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा गुजरात में भी काफी प्याज की आवक हो रही है।

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा

ताजा खरीफ फसल की आवक बढ़ने की वजह से कीमतों पर दबाव है। दैनिक आवक से पता चलता है कि प्याज का उत्पादन अधिक रहा है। हालांकि, बुवाई क्षेत्र कम रहा है।

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