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फेसबुक उपयोगकर्ताओं को फर्जी कॉपीराइट शिकायत भेज रहे है सायबर अपराधी: विशेष्ज्ञ

सुरक्षा शोधकर्ता विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार को चेतावनी देते हुए कहा कि साइबर अपराधी फेसबुक उपयोगकर्ताओं को वायरस के रूप में फर्जी कॉपीराइट शिकायत भेज रहे हैं।

फेसबुक उपयोगकर्ताओं को फर्जी कॉपीराइट शिकायत भेज रहे है सायबर अपराधी: विशेष्ज्ञ- India TV Paisa Image Source : PIXABAY फेसबुक उपयोगकर्ताओं को फर्जी कॉपीराइट शिकायत भेज रहे है सायबर अपराधी: विशेष्ज्ञ

नई दिल्ली: सुरक्षा शोधकर्ता विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार को चेतावनी देते हुए कहा कि साइबर अपराधी फेसबुक उपयोगकर्ताओं को वायरस के रूप में फर्जी कॉपीराइट शिकायत भेज रहे हैं। विषेशज्ञों के अनुसार साइबर अपराधियों ने कॉपीराइट प्रतिबंध पृष्ठ 2021 के नाम पर फेसबुक पर कई पेज बनाये हैं। इन पेज के जरिये अपराधी चेतावनी संदेश के फेसबुक सुरक्षा टीम की ओर से होने का दावा कर रहे हैं। इस तरह के सन्देश राजनेताओं समेत सांसदों, विधायकों, सरकारी अधिकारियों और मशहूर फ़िल्मी हस्तियों को भी भेजे गए हैं। 

साइबर सुरक्षा शोधकर्ता राजशेखर राजहरिया ने ट्वीट कर कहा, ‘‘सावधान। साइबर अपराधी लगभग सभी राजनेताओं, फ़िल्मी हस्तियों, मीडिया और फेसबुक पर प्रसिद्ध खातों को अपना निशाना बना रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि उपयोगकर्ताओं को फेसबुक पर इस तरह की फर्जी कॉपीराइट शिकायत की अधिसूचना आ सकती है। लेकिन इस लिंक को न खोले। यह वायरस हमला हो सकता है।

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति जल्द जारी करेगी सरकार

इससे पहले इसी महीने यह खबर आई थी कि सरकार नई साइबर सुरक्षा रणनीति इस साल जारी करेगी। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक राजेश पंत ने पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (पीएएफआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही थी। उन्होंने कहा था कि इस रणनीति में देश के साइबर क्षेत्र के समूचे पारिस्थितिकी तंत्र को शामिल किया जाएगा। पीएएफआई के कार्यक्रम को संबोधित करते हुये पंत ने कहा कि सरकार के नई साइबर सुरक्षा रणनीति इसी साल जारी करने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस रणनीति का दृष्टिकोण एक सुरक्षित, संरक्षित, मजबूत, गतिशील और भरोसेमंद साइबर क्षेत्र होगा।’’ पंत ने कहा कि नई रणनीति विभिन्न पहलुओं से निपटने के दिशानिर्देश के रूप में काम करेगी। यह राष्ट्रीय संसाधन के रूप में डेटा, देश में क्षमता का निर्माण या साइबर ऑडिट कुछ भी हो सकता है। पीएएफआई ने पंत के हवाले से बयान में कहा था कि इस नई रणनीति के तहत करीब 80 चीजें सामने आएंगी। 

पीएएफआई की चर्चा का विषय ‘नए मौजूदा परिवेश में साइबर सुरक्षा’ को लेकर रखा गया था। दूरसंचार क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा पर पंत ने कहा था कि जहां अन्य देशों ने ऐसी कंपनियों की काली सूची तैयार की है जो उनके यहां परिचालन नहीं कर सकती हैं, वहीं भारत एकमात्र देश है जिसने ऐसी दूरसंचार कंपनियों की श्वेत सूची तैयार की है, जिन्हें देश में परिचालन की अनुमति है। उन्होंने कहा था कि जिन कंपनियों को अनुमति दी जाती है वह ‘विश्वसनीय स्रोत’ होने चाहिये। उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के दौरान छह माह के भीतर हमने विश्वसनीय दूरसंचार पोर्टल को तैयार किया और उसे जारी किया।’’

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