नई दिल्ली। सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन उपलब्ध कराने वाली प्रमुख कंपनी MARG ERP वस्तु एवं सेवा कर (GST) के क्रियान्वयन के बाद बड़े लाभ की उम्मीद कर रही है। कंपनी इस कारोबारी अवसर का लाभ उठाने के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश करने की तैयारी कर रही है।
यह भी पढ़ें :SEBI ने PACL की संपत्ति के सौदे को लेकर निवेशकों को किया आगाह, दस्तावेज संभाल कर रखने की दी सलाह
MARG ERP के प्रबंध निदेशक सुधीर सिंह ने कहा
इस नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के क्रियान्वयन के बाद 40,000 करोड़ रुपए के सॉफ्टवेयर कारोबार के सृजन की उम्मीद है।
अकाउंट्स और टैक्सेशन के सॉफ्टवेयर बदलेंगी कंपनियां
- सिंह ने कहा, GST के क्रियान्वयन के बाद कंपनियों को अपने अकाउंट्स और टैक्सेशन सॉफ्टवेयर को बदलने या उनका उन्नयन करने की जरूरत होगी।
- हम सभी कंपनियों के लिए उचित मूल्य पर समाधान उपलब्ध कराते हैं, विशेष रूप से लघु एवं मझोले उपक्रमों और छोटे व्यापारियों को।
- उन्होंने कहा कि कंपनी इस संभावना के दोहन के लिए प्राइवेट इक्विटी कंपनियों और अन्य निवेशकों से 100 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी कर रही है।
यह भी पढ़ें :IRS अधिकारियों ने GST के सुचारू क्रियान्वयन के लिए किया PM के हस्तक्षेप का आग्रह, GSTN को लेकर जताई चिंता
CBEC ने GST लागू होने के बाद ड्रॉबैक दरों पर निर्यातकों के मांगे विचार
- राजस्व विभाग ने जुलाई में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के क्रियान्वयन के बाद निर्यात के लिए शुल्क ड्रॉबैक दरों पर उद्योग और निर्यातक संगठनों से विचार मांगे हैं।
- केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) ने निर्यात संवर्द्धन परिषदों, जिंस बोर्डों और व्यापार एवं उद्योग संगठनों से शुल्क ड्रॉबैक पर अपने विचार 15 मार्च तक देने को कहा है।
- GST व्यवस्था में सुगमता से प्रवेश के लिए ड्रॉबैक समिति पूरे उद्योग की दरों (AIR) को बनाएगी और उनमें संशोधन की सिफारिश करेगी। नए GST परिदृश्य में इसे लागू किया जाएगा।
GST के क्रियान्वयन के बाद निर्यातकों को वस्तु के उत्पादन की प्रक्रिया में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए शुल्क ड्रॉबैक की दरों का भी नई अप्रत्यक्ष व्यवस्था से तालमेल बैठाने की जरूरत होगी।
Latest Business News