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Hindi News पैसा बिज़नेस IRCTC ने 100 ग्राम दही 972 रुपए में और एक लीटर रिफाइंड 1241 रुपए में खरीदा, RTI के जरिए खुलासा

IRCTC ने 100 ग्राम दही 972 रुपए में और एक लीटर रिफाइंड 1241 रुपए में खरीदा, RTI के जरिए खुलासा

IRCTC ने 100 ग्राम दही 972 रुपए और एक किलो रिफाइंड तेल के लिए 1241 रुपए चुकाए है। RTI कार्यकर्ता अजय बोस ने RTI से यह जानकारी हासिल की है।

RTI से हुआ बड़ा खुलासा: IRCTC ने 100 ग्राम दही 972 रुपए में और एक लीटर रिफाइंड 1241 रुपए में खरीदा- India TV Paisa RTI से हुआ बड़ा खुलासा: IRCTC ने 100 ग्राम दही 972 रुपए में और एक लीटर रिफाइंड 1241 रुपए में खरीदा

नई दिल्ली। रेलवे मिनिस्टर सुरेश प्रभु लगातार भारतीय रेल को बेहतर बनाने के लिए कदम उठा रहे है, लेकिन उनके मंत्रालय से कुछ ऐसी सूचना सामने आई है जो हैरान करती है। दरअसल आरटीआई के तहत मिली जानकारी के मुताबिक IRCTC ने 100 ग्राम दही 972 रुपए और एक किलो रिफाइंड तेल के लिए 1241 रुपए चुकाए है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने एक अंग्रेजी अखबार को कहा कि यह टाइपिंग की गल्ती हो सकती है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि वो मामले की जांच करवाएंगे।

25 रुपए की दही 972 रुपए में खरीदी

बोस को मिली सूचना के अनुसार सेंट्रल रेलवे ने अमूल दही 972 रुपए प्रति 100 ग्राम की दर से खरीदी थी, जबकि उसकी एमआरपी 25 रुपए थी बोस ने कहा कि जब उन्होंने सुना कि रेलवे का कैटरिंग विभाग घाटे में है, तब उन्होंने आरटीआई के तहत ये सूचनाएं मांगी थीं। यह भी पढ़े:खुशखबरी! तत्काल टिकट कैंसिल करवाने पर मिलेगा 50 फीसदी रिफंड, 1 जुलाई से बदल जाएंगे ये नियम

क्या है मामला

भारतीय रेल के सेंट्रल रेलवे कैटरिंग डिपार्टमेंट ने गजब की खरीदारी की है। उसने 972 रुपये प्रति 100 ग्राम दही और 1241 रुपये प्रति लीटर की दर से तेल खरीदा है। एक आरटीआई कार्यकर्ता अजय बोस ने आरटीआई दाखिल कर यह जानकारी हासिल की है। इसके अनुसार सेंट्रल रेलवे कैटरिंग डिपार्टमेंट ने इन चीजों को उन पर लिखे एमआरपी से कई गुना ज्यादा दर पर खरीदा। अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ की एक खबर में इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। रेलवे के एक अध‍िकारी ने अखबार से कहा कि ये ‘टाइपिंग एरर’ हो सकता है। यह भी पढ़े:IRCTC समेत 11 सरकारी कंपनियां शेयर बाजार में होंगी लिस्‍टेड, कैबिनेट ने दी अपनी मंजूरी

रेलवे ने बताया टाइपिंग एरर

सेंट्रल रेलवे के डिविजनल रेलवे मैनेजर रवींद्र गोयल ने कहा कि यह टाइपिंग एरर हो सकता है, लेकिन इस मामले की जांच की जाएगी.

आरटीआई से मिली जानकारी

अजय बोस ने द हिंदू को बताया कि उन्होंने जुलाई 2016 में आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी, लेकिन सेंट्रल रेलवे ने उन्हें जो जवाब दिया उससे यह समझ में आ गया कि कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है। उसके बाद बोस ने पहली अपील दायर की। अपीलेट अथॉरिटी ने रेलवे को 15 दिन के अंदर वांछित जानकारी देने का आदेश दिया, फिर भी बोस को कई महीनों तक सूचना नहीं दी गई। संदेह बढ़ने के कारण बोस ने दोबारा अपील की, तब उन्हें पूरी जानकारी मिली। यह भी पढ़े: अब आप ट्रेन में चुन सकते है अपनी मनपसंद सीट, IRCTC करेगी ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम में ये बड़े बदलाव

RTI में मिले आंकड़ों पर एक नजर

रेलवे द्वारा बोस की आरटीआई के जवाब में दी गई जानकारी के अनुसार मार्च 2016 में 58 लीटर रिफाइंड तेल 72,034 रुपए (1241 रुपुए प्रति लीटर) में खरीदा गया था। रेलवे ने टाटा नमक के 150 पैकेट 2670 रुपये (49 रुपये प्रति पैकेट) में खरीदे, जबकि नमक के एक पैकेट की एमआरपी 15 रुपए थी. इसी तरह पानी की बोतल और कोल्ड ड्रिंक 59 रुपये प्रति बोतल की दर से खरीदे गए।

बोस के अनुसार रेलवे ने चिकन, तूर दाल, मूंग दाल, बेसन और टिश्यू पेपर को भी बाजार भाव से काफी अधिक दर पर खरीदा। 570 किलो तूर दाल 89,610 रुपए (157 रुपए प्रति किलो), 650 किलो चिकन 1,51,586 (233 रुपए प्रति किलो), 148.5 किलो मूंग दाल 89610 रुपए (157 रुपए प्रति किलो) और 178 पानी-कोल्ड ड्रिंक्स के बॉक्स (एक बॉक्स में 10 बोतलें) 106031 रुपए (59 रुपए प्रति बोतल) की दर से खरीदे गए. सिर्फ समोसा, प्याज और आलू ही सही दर से खरीदे गए।

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