नयी दिल्ली। काेविड-19 के बाद से टाटा समूह (Tata Group) ई-कॉमर्स मार्केट (e-Commerce Market) कब्जा करने की रणनीति पर काम कर रहा है। टाटा समूह ऑनलाइन किराना सामान बेचने वाली बिग बास्केट में 68 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 9,500 करोड़ रुपये में खरीद रहा है। समूह भारत में तेजी से बढ़ते ई-कारोबार खंड में विस्तार के प्रयास के तहत यह अधिग्रहण कर रहा है। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नमक से लेकर सॉफ्टवेयर बनाने वाला टाटा समूह बेंगलुरू के इस स्टार्टअप में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदने पर महीनों से काम कर रहा था। समूह ने सौदे को लेकर समझौता किया है।
मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, टाटा समूह बिग बास्केट के 20 से 30 प्रतिशत नए शेयर खरीदेगा, जिसके बाद बिग बास्केट में टाटा की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी तक पहुंच जाएगी। सौदे के तहत चीनी उद्योगपति जैक मा के नियंत्रण वाली अलीबाबा समेत बिग बास्केट के निवेशकों को बाहर निकलने का रास्ता उपलब्ध कराया गया है। इस बारे में संपर्क किये जाने पर टाटा समूह, बिग बास्केट और अलीबाबा ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। ऐसा समझा जाता है कि टाटा समूह ने अधिग्रहण के तहत उपक्रम का मूल्य 13,500 करोड़ रुपये आंका है।
''सुपर ऐप'' लाने की तैयारी में टाटा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा समूह एक ''सुपर ऐप'' लॉन्च करने की तैयारी में है, जोकि इसके सभी कंज्यूमर बिजनेस को साथ लाएगा। समूह भारत में तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स सेक्टर में ऐमजॉन और रिलायंस जैसी कंपनियों से मुकाबले की तैयारी में हैं। बेंगलुरु आधारित कंपनी बिग बास्केट वॉलमार्ट इंक के स्वामित्व वाली कंपनी फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन के 'फ्रेश' से मुकाबला कर रही है। कोविड-19 महामारी के दौर में लोग घरों के भीतर रहते हुए अधिकतर खरीदारी ऑनलाइन करना पसंद कर रहे हैं।
IPO ला सकती है बिग बास्केट
टाटा समूह के साथ इस बिजनेस डील के तहत बिग बास्केट 2022-23 में आईपीओ लाएगी। इसके तहत अगर कोई अन्य निवेशक इसमें अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहेगा तो उस स्थिति में फर्स्ट रिफ्यूजल का अधिकार टाटा समूह के पास होगा। बिग बास्केट के सीईओ हरि मोहन ने कहा था कि आईपीओ से कुछ मौजूदा निवेशकों को इससे निकलने का मौका मिल सकता है
Latest Business News