नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकास काम लगातार तेज हो रहे हैं। अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एयरपोर्ट के दक्षिणी हिस्से यानी आगरा की ओर एक नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दे दी है। यह फैसला YEIDA की 91वीं बोर्ड बैठक में लिया गया। माना जा रहा है कि इस नए औद्योगिक गलियारे से क्षेत्र में बड़े निवेश आएंगे, नए उद्योग स्थापित होंगे और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
YEIDA बोर्ड ने एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र को औद्योगिक गलियारे के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। अब जल्द ही इस क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। प्राधिकरण का मानना है कि एयरपोर्ट के आसपास उद्योगों की मांग लगातार बढ़ रही है, इसलिए नए औद्योगिक क्षेत्र की जरूरत महसूस की गई है। इससे पहले टप्पल से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच करीब 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की प्लानिंग को भी मंजूरी मिल चुकी है। अब नया कॉरिडोर बनने से पूरे इलाके में औद्योगिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भी बनेगा
बोर्ड बैठक में यमुना सिटी को मेडिकल रिसर्च का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में भी अहम फैसला लिया गया। इसके तहत 30 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय स्तर का आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान स्थापित किया जाएगा। यहां गंभीर और नई उभरती बीमारियों पर रिसर्च के साथ-साथ उनके उपचार और रोकथाम पर काम किया जाएगा।
हाईराइज इमारतों की सुरक्षा के लिए 50 करोड़ मंजूर
यमुना सिटी में तेजी से बन रही ऊंची इमारतों को देखते हुए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का भी फैसला लिया गया। बोर्ड ने अग्निशमन विभाग के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इस राशि से आधुनिक फायर फाइटिंग उपकरण और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
भूमि खरीद और औद्योगिक विकास पर जोर
वित्तीय वर्ष 2026-27 में YEIDA ने 2,101 करोड़ रुपये खर्च किए, जिनमें से लगभग 1,741 करोड़ रुपये यानी 82 प्रतिशत राशि भूमि खरीद पर खर्च हुई। वहीं, प्राधिकरण ने विभिन्न योजनाओं और अन्य स्रोतों से 1,371 करोड़ रुपये की आय भी हासिल की। इसके अलावा यमुना सिटी में विकसित हो रहे पांच औद्योगिक पार्कों में पिछले एक महीने के दौरान 63 भूखंडों की लीज डीड हुई है। 118 आवंटियों को भूखंडों का कब्जा दिया गया है, जबकि 62 भवन नक्शों को मंजूरी मिली है। साथ ही 12 औद्योगिक इकाइयों का फैक्ट्री एक्ट के तहत पंजीकरण भी किया गया है।
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