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भारतीय नागरिक को अमेरिका में अब इस कार्ड के लिए नहीं करना होगा इंतजार, सात समंदर पार से आई Good News

Indian Citizen: अमेरिकी सांसदों ने पत्र में प्रशासन से वीजा बुलेटिन में रोजगार आधारित वीजा आवेदन दाखिल करने की सभी तारीखों को वर्तमान के रूप में चिह्नित करने की अपील की है।

Indian citizen- India TV Paisa Image Source : FILE Indian citizen

Indian Citizen: अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने बाइडन प्रशासन से भारत के ग्रीन कार्ड आवेदकों की प्राथमिकता तिथियों को 'मौजूदा' करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बेहद लंबी प्रतीक्षा अवधि को कम करने के लिए ऐसा करना जरूरी है। प्राथमिकता तिथि 'मौजूदा' होने का अर्थ है कि ग्रीन कार्ड उपलब्ध है और इसके लिए अब इंतजार नहीं करना होगा। अमेरिकी सांसदों राजा कृष्णमूर्ति और लैरी बुकशॉन के नेतृत्व में 56 सांसदों के समूह ने विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और गृह सुरक्षा विभाग के सचिव एलेजांद्रो मयोर्कास को पत्र भेजकर उच्च-कुशल रोजगार-आधारित वीजा धारकों को राहत देने के लिए विशेष कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। 

अमेरिकी सांसदों ने पत्र में प्रशासन से वीजा बुलेटिन में रोजगार आधारित वीजा आवेदन दाखिल करने की सभी तारीखों को वर्तमान के रूप में चिह्नित करने की अपील की। स्थायी आवास कार्ड की औपचारिक पहचान वाला ग्रीन कार्ड अमेरिका आने वाले प्रवासी को स्थायी रूप से रहने की मंजूरी देने का प्रमाणपत्र है। बता दें कि अमेरिकी नागरिक एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने पिछले महीने एक बयान में कहा था कि वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 के एच-1बी सत्रों से मिले साक्ष्यों के आधार पर उसने पहले ही व्यापक धोखाधड़ी जांच की है। एच-1बी वीजा देने वाली सर्वोच्च एजेंसी यूएससीआईएस ने कहा कि वह आपराधिक अभियोजन के लिए सलाह ले रहा है। एजेंसी ने कहा कि कुछ कंपनियां वीजा पाने की संभावनाओं को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए एक ही आवेदकों को कई बार लॉटरी में शामिल करने के लिए जिम्मेदार हैं।

आईटी पेशेवरों के बीच सबसे अधिक मांग

भारत के आईटी पेशेवरों के बीच एच-1बी वीजा की सबसे अधिक मांग रहती है। एच-1बी वीजा, एक गैर-अप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विशेष व्यवसायों में विदेशी कर्मचारियों को नियोजित करने की अनुमति देता है, जिन्हें तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए इस वीजा पर निर्भर करती हैं। गृह सुरक्षा पर आधारित एक संसदीय समिति की सुनवाई के दौरान श्री थानेदार ने मायोरकास से कहा, ‘‘हमें अप्रवासन के लिए कानूनी रास्ते का विस्तार करना चाहिए, जिसमें एच-1बी वीजा की सीमा को बढ़ाना भी शामिल है।’’

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