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UPI पेमेंट पर चार्ज वाली बात निकली गलत, NPCI के ट्वीट करते ही ग्राहकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

UPI Payment: कल शाम को जब खबर सामने आई कि सरकार यूपीआई पेमेंट पर चार्ज वसूलने की तैयारी कर रही है तब लोगों ने केंद्र सरकार पर सवाल पूछने शुरू कर दिए। हालांकि आज शाम होते-होते NCPI का ट्वीट सामने आ गया।

UPI payment will not be charged information given by tweet of NPCI knwo all details here- India TV Paisa Image Source : FILE UPI

UPI Payment Free: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने बुधवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि बैंक अकाउंट टू अकाउंट आधारित यूपीआई पेमेंट या सामान्य यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। एनपीसीआई ने बयान में कहा कि दुकानदार(विक्रेता) के ‘पूर्व भुगतान साधन (PPI)’ के जरिये लेनदेन करने पर इंटरचेंज शुल्क लगेगा। हालांकि यह शुल्क ग्राहकों को अदा नहीं करना होगा। दरअसल, निगम ने पीपीआई वॉलेट को अंतर-संचालित (इंटरचेंज) यूपीआई परिवेश का हिस्सा बनाने की मंजूरी दी और पीपीआई के जरिये 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 1.1 प्रतिशत शुल्क लगाया है। इसमें बताया गया है कि इंटरचेंज शुल्क सिर्फ पीपीआई मर्चेंट लेनदेन पर ही लगेगा, ग्राहकों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि बैंक खाते से बैंक खाता आधारित यूपीआई भुगतान (सामान्य यूपीआई भुगतान) पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। पीपीआई के यूपीआई में जुड़ने के बाद ग्राहकों के पास कोई भी बैंक खाता इस्तेमाल करने का विकल्प होगा। बैंक खाते से बैंक खाते में लेनदेन ग्राहकों और विक्रेताओं दोनों के लिए नि:शुल्क होगा। 

क्या थी खबर जो निकली गलत?

प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स वॉलेट या कार्ड के जरिए ट्रांजैक्शन पर लगता है। लेकिन नए सर्कुलर के बाद अब यही चार्ज यूपीआई ट्रांजेक्शन पर भी लगेगा।सर्कुलर में बताया गया है कि 2000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर 1.1 प्रतिशत की इंटरचेंज फीस वसूली जाएगी। बयान में कहा गया है कि शुरू किए गए इंटरचेंज शुल्क केवल पीपीआई मर्चेंट लेनदेन के लिए लागू होते हैं और ग्राहकों के लिए कोई शुल्क नहीं है, और यह आगे स्पष्ट किया जाता है कि बैंक खाते के लिए बैंक खाता-आधारित यूपीआई भुगतान (यानी सामान्य यूपीआई भुगतान) के लिए कोई शुल्क नहीं है।

ये पेमेंट होंगे दायरे से बाहर 

सर्कुलर में बताया गया है कि यह चार्ज केवल व्यापारियों को पेमेंट करने वाले यूजर्स को ही देना पड़ेगा। इस सर्कुलर के अनुसार बैंक अकाउंट और यूपीआई वॉलेट के बीच पीयर-टू-पीयर  और पीयर-टू-पीयर-मर्चेंट पर कोई चार्ज लागू नहीं होगा। ये सारे पेमेंट पुराने नियमों के अनुसार ही होंगे। बता दें कि इससे पहले भी एक बार ऐसी खबर आई थी, जिसमें ये कहा गया था कि ऑनलाइन पेमेंट करने वालों को चार्ज देना पड़ेगा, जिसे थोड़ी समय बाद ही खारिज कर दिया गया था। देश में सरकार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है तो ऐसा होने की उम्मीद बेहद कम है कि पेमेंट पर चार्ज तय हो।

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