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Hindi News पैसा बिज़नेस वैश्विक आर्थिक मंदी की चिंता और प्रबल हुई, 18,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगा Amazon

वैश्विक आर्थिक मंदी की चिंता और प्रबल हुई, 18,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगा Amazon

मौजूदा मंदी के दौर में अमेजन द्वारा 18,000 कर्मचारियों को हटाना अभी तक की सबसे बड़ी छंटनी होगी।

अमेजन - India TV Paisa Image Source : AP अमेजन

वैश्विक आर्थिक मंदी की चिंता और प्रबल हो गई है। ऐसा इसलिए कि दुनिया की कई बड़ी कंपनियां बड़े पैमाने पर अपने कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। ताजा मामला टेक कंपनी अमेजन का है। अमेजन ने पहले से अधिक कर्मचारियों को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाने का फैसला किया है। मिली जानकारी के मुताबिक, अमेजन अपने 18,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रहा है। आपको बता दें कि पहले अमेजन ने पहले 10 हजार कर्मचारियों को बाहर करने का ऐलान किया था। 

सेल्सफोर्स करीब 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालेगी

वहीं सेल्सफोर्स ने कहा कि वह अपने कार्यबल का दस फीसदी यानी करीब 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालेगी। कंपनी के 23 साल के इतिहास में यह सबसे बड़ी छंटनी है। कंपनी ने एक बयान में बताया कि जिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा उन्हें करीब पांच महीने का वेतन, स्वास्थ्य बीमा, करियर संसाधन तथा अन्य लाभ दिए जाएंगे। अमेजन और सेल्सफोर्स दोनों ने कहा कि छंटनी इसलिए की जा रही है क्योंकि महामारी के दौरान उन्होंने बहुत बड़े पैमाने पर भर्तियां कर ली थीं। सेल्सफोर्स ने महामारी से ठीक पहले, जनवरी 2020 में करीब 49,000 लोगों की भर्ती की थी। उसके आज के कार्यबल का आकार महामारी से पहले की तुलना में 50 फीसदी बड़ा है।

अब तक की सबसे बड़ी छंटनी 

मौजूदा मंदी के दौर में अमेजन द्वारा 18,000 कर्मचारियों को हटाना अभी तक की सबसे बड़ी छंटनी होगी। हालांकि, सिलिकॉन वैली के साथियों की तुलना में अमेजन के पास कहीं अधिक बड़ा कार्यबल है। सितंबर के अंत तक अमेजन के साथ 15 लाख से अधिक कर्मचारी जुड़े थे। इस छंटनी का अर्थ है कि नवीनतम कटौती कार्यबल के लगभग 1% होगा। अमेजप के पास दुनिया भर में लगभग 350,000 कॉर्पोरेट कर्मचारी हैं।

दुनिया भर की टेक कंपनियों में छंटनी का हड़कंप

दुनिया भर की टेक कंपनियों में छंटनी का हड़कंप मचा हुआ है। ट्विटर, मेटा, अमेजन के अलावा एचपी इंक से लगभग 6,000 नौकरियों में कटौती की उम्मीद है। पेप्सी बनाने वाली कंपनी पेप्सिको ने भी छंटनी का ऐलान किया था। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह छंटनी अब तक सिर्फ टेक और कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित है। भारत की अर्थव्यवस्था में जिस तरह से मजबूती बनी हुई है, उसके देखते हुए यहां छंटनी की संभावना नहीं है। 

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