नई दिल्ली। डॉलर में मजबूती और अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने के बाद आई गिरावट से घरेलू बाजार में सोना 10 महीने के निचले स्तर 27,950 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया है। जबकि, पिछले एक साल में शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स ने आधा फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं, सोना इस दौरान 7 फीसदी उछल गया है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश के लिहाज से सेफ हेवन माना जाने वाला सोना अब निवेशकों की पहली पसंद नही रहा है। 2017 में अमेरिका में ब्याज दरें 3 बार बढ़ने की उम्मीद है। इसीलिए घरेलू बाजार में सोने की कीमतें 24,500 रुपए प्रति दस ग्राम तक गिरने का अनुमान जताया जा रहा है।
केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया ने paisa.khabarindiatv.com से खास बातचीत में बताया कि,
सोने के लिए अगला साल काफी खराब रह सकता है। हाल में अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की चेयरपर्सन जैनेट येलन ने कहा था कि अमेरिका में लेबर मार्केट में पिछले 10 साल में सबसे अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। इसीलिए 2017 में ब्याज दरों में बड़ी बढ़ोतरी की आशंका है। साथ ही, घरेलू स्तर पर मोदी सरकार लगातार सोने का इंपोर्ट घटाने के लिए कदम उठा रही है। लिहाजा इन निगेटिव संकेतों के चलते घरेलू बाजार में सोना गिरकर 24,500 रुपए प्रति दस ग्राम तक आने की उम्मीद है।
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इन कारणों से सोने में आ सकती है गिरावट
(1) नहीं है अब सेफ हैवन, इन्वेसमेंट डिमांड गिरी
- सोने को हमेशा से निवेश के लिहाज से सेफ हेवन माना जाता रहा है, लेकिन अमेरिकी की अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने के चलते दुनियाभर के निवेशक अब अमेरिकी बॉन्ड्स और इक्विटी में पैसा लगा रहे हैं।
- इसीलिए सोने से निवेश डिमांड गिर रही है।
(2) नोटबंदी का असर
- भारत में 500 और 1000 रुपए के नोट बैन करने का असर ज्वैलर्स के बिजनेस पर पड़ा है।
- केडिया कमोडिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक घरेलू मार्केट में सोने की कीमतें बहुत हद तक ग्लोबल सेंटीमेंट्स पर टिकी होती हैं।
- अगर ग्लोबल मार्केट का सेंटीमेंट ऐसा ही बना रहा तो देश में नोटबंदी का इम्पैक्ट खत्म होने के बाद भी सोने की कीमतों में गिरावट जारी रहने वाली है।
(3) डॉलर में लगातार मजबूती
- रुपए में लगातार गिरावट जारी है। एक डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत 69 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब आ चुकी है, जबकि डॉलर 14 साल के उच्चतम स्तर पर जा पहुंचा है।
- साथ ही, दुनियाभर के बड़े ब्रोकरेज हाउस अगले साल ब्याज दरों में तीन बार बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे है।
- इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर देखा जा रहा है।
- बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव योगेश सिंघल के मुताबिक ग्लोबल मार्केट में ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद से डॉलर में लगातार तेजी बनी हुई है। सिंघल का कहना है कि सोने में आने वाले समय में गिरावट जारी रहने के संकेत है।
(4) SPDR ने डेढ़ महीने में बेचा 150 टन सोना
- दुनियाभर में सोने के सबसे बड़े एक्सचेंज ट्रेडिड फंड SPDR गोल्ड ट्रस्ट ने अपने भंडार से सोने की बिकवाली को और ज्यादा बढ़ा दिया है, सोमवार को SPDR गोल्ड ट्रस्ट ने एक बार फिर से 8 टन से ज्यादा सोना बेचा है।
- SPDR के कुल भंडार में अब सिर्फ 828.10 टन सोना बचा है। SPDR गोल्ड ट्रस्ट ने बीते डेढ़ महीने से करीब 150 टन सोना बेच दिया है
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