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एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मंगलवार को 8 पैसा कमजोर होकर 64.63 पर खुला

मंगलवार के कारोबारी सत्र में भारतीय रुपए की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई है। एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 8 पैसा कमजोर होकर 64.63 पर खुला है।

एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मंगलवार को 8 पैसा कमजोर होकर 64.63 पर खुला- India TV Paisa एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मंगलवार को 8 पैसा कमजोर होकर 64.63 पर खुला

नई दिल्ली। पिछले दो दिन से जारी रुपए की तेजी पर ब्रेक लग गया है। मंगलवार के कारोबारी सत्र में भारतीय रुपए की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई है। एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 8 पैसा कमजोर होकर 64.63 पर खुला है। वहीं, सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 64.54 के स्तर पर बंद हुआ था। जबकि, पिछले हफ्ते शुक्रवार के कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे मजबूत होकर 64.64 पर बंद हुआ था। यह भी पढ़े: राजस्व सचिव की वॉर्निंग, कहा- GST लागू होने तक अगर बढ़ी किसी भी सामान की कीमत तो कंपनियों की होगी जांच

रुपए में क्यों आई मजबूती

अमेरिका में राजनीतिक खींचतान के बीच डॉलर की बिकवाली बढ़ने से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए की विनियम दर में सोमवार को लगातार दूसरे दिन तेजी रही और यह 10 पैसे सुधरकर 64.54 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुई। #ModiGoverment3Saal: मोदी के कार्यकाल में निवेशक हुए मालामाल, ऐसे 5 हजार रुपए लगाकर कमाए 3 लाख

पिछले 3 दिन में रुपया 58 पैसे मजबूत हुआ
बाजार सूत्रों का कहना है कि एक्सपोटर्स और बैंकों की डॉलर बिकवाली होने, मजबूत घरेलू शेयर बाजार से रुपए की तेजी को समर्थन प्राप्त हुआ। अन्तरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 64.52 रुपए प्रति डॉलर पर सकारात्मक रख लिए खुला जो कल रात 64.64 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान रुपया 64.4375 रुपए प्रति डॉलर के दिन के उच्चतम स्तर को छू गया। लेकिन अमेरिका में राजनीतिक मोर्चे पर अनिश्चितताओं के साथ साथ निगमित कंपनियों की मासांत की डॉलर मांग के बीच देर दोपहर के कारोबार में भारतीय मुद्रा में उतार चढ़ाव देखने को मिला और रुपए 64.64 रुपए प्रति डॉलर तक लुढ़कने के बाद अंत में दस पैसे की तेजी दर्शाता 64.54 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

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भारतीय इकोनॉमी पर बढ़ा भरोसा
दुनिया की छह मजबूत इकॉनमी के मुकाबले अमेरिकी करंसी की ताकत का पता डॉलर इंडेक्स से चलता है। यह पिछले साल 28 दिसंबर के बाद से 4.35 फीसदी फिसला है। अभी यह 98.811 पर है। वहीं, भारत में बेंचमार्क सॉवरेन बॉन्ड यील्ड 6.66 फीसदी है, जो एशियाई देशों में सबसे अधिक है। इसके बाद एशिया में सबसे अधिक बॉन्ड यील्ड इंडोनेशिया में है। रुपये पर तीन महीने का फॉरवर्ड प्रीमियम ऑफशोर नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड्स मार्केट में 6 पैसे बढ़ा है।

रुपए में मजबूत आगे भी जारी रहेगी
एचडीएफसी बैंक में फॉरेक्स डीलिंग के हेड आशुतोष रैना ने बताया, डॉलर में कमजोरी के चलते हाल में रुपया मजबूत हुआ है। वहीं, विदेशी निवेशकों के भारत पर बढ़ते भरोसे से भी इसे सपोर्ट मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ मार्केट पार्टिसिपेंट्स डॉलर में शॉर्ट पोजिशन ले रहे हैं। भारत के बॉन्ड और इक्विटी मार्केट में विदेशी निवेशक काफी रकम लगा रहे हैं।

कोटक सिक्यॉरिटीज के करंसी ऐनालिस्ट अनिंद्य बनर्जी  के मुताबिक रुपए के फॉरवर्ड प्रीमियम में बढ़ोतरी से पता चलता है कि लोगों ने भारतीय करंसी के मुकाबले डॉलर में शॉर्ट सेलिंग शुरू कर दी है। बनर्जी ने कहा कि डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी रुपए की ताकत बढ़ी है। भारत में अभी महंगाई दर कम है। इसलिए यहां इन्वेस्टर्स को दूसरे इमर्जिंग मार्केट्स के मुकाबले हायर रियल इंटरेस्ट रेट मिल रहा है। इस वजह से विदेशी निवेशक भारत में और रकम ला रहे हैं।

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