किसानों को देश का अन्नदाता कहा जाता है। लेकिन हमारा अन्नदाता हमेशा से पैसे की किल्लत से जूझता रहा है। भारत का किसान आजादी से पहले से ही अपनी कृषि एवं व्यक्तिगत जरूरतों के लिए सूदखोरों और साहूकारों पर निर्भर रहे हैं। ये किसानों से भारी भरकम ब्याज वसूललते हैं वहीं जमीनें तक गिरवी रखवा लेते हैं। किसान और ग्रामीण इस ब्याज के जंजाल में फंसकर अपना सब कुछ गंवा देेते हैं। इसे देखते हुए सरकार किसानों को कर्ज की व्यवस्था करने के लिए कई इंतजाम कर रही है। इसमें ही सबसे जरूरी प्रयास किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) है। कर्ज लेना आसान बनाने के लिए सरकार ने साल 1998 में किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम शुरू की थी। यह कार्ड किसानों को सस्ती ब्याज दरों पर आसान कर्ज उपलब्ध कराता है।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड ढांचे को भी मजबूत बना रही है। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों की सहूलियत के लिए किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लिंक कर दिया गया है। इसकी वजह से अब खेती-किसानी के लिए लोन लेना काफी आसान हो गया है। सरकार ने बैंकिंग एसोसिएशन से केसीसी बनाने के काम में तेजी लाने को कहा है। सरकार की सलाह पर ही बैंकों ने इसकी प्रोसेसिंग फीस खत्म कर दी है। जबकि पहले केसीसी बनवाने के लिए 2 से 5 हजार रुपये तक का खर्च आता था।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए बस तीन डॉक्यूमेंट जरूरी
पहले केसीसी के तहत लोन पाने की प्रक्रिया कठिन थी। इसीलिए पीएम किसान स्कीम से केसीसी को जोड़ दिया गया है। पीएम किसान स्कीम की वेबसाइट पर ही केसीसी का फार्म उपलब्ध करवा दिया गया है। इसलिए बैंकों से कहा गया है कि वे सिर्फ तीन डॉक्यूमेंट लें और उसी के आधार पर लोन दें। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए बस आपका आधार, पैन, फोटो ली जाएगी। इससे यह पुष्टि होगी कि आप किसान हैं। वहीं आपसे एक एफीडेविड लिया जाएगा। इससे पता चलेगा कि आप पर किसी बैंक में आवेदक का कर्ज तो बकाया नहीं है।
कौन ले सकता है KCC
अब केसीसी सिर्फ खेती-किसानी तक सीमित नहीं है। पशुपालन और मछलीपालन भी इसके तहत 2 लाख रुपये तक का कर्ज मिल सकेगा। खेती-किसानी, मछलीपालन और पशुपालन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति, भले ही वो किसी और की जमीन पर खेती करता हो, इसका लाभ ले सकता है। न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 75 साल होनी चाहिए।
किसान क्रेडिट कार्ड पर फायदे अनेक
के तहत 3 लाख रुपये तक का कर्ज सिर्फ 7 फीसदी ब्याज पर मिलता है। समय पर पैसा लौटा देते हैं तो 3 फीसदी की छूट मिलती है। इस तरह ईमानदार किसानों को 4 परसेंट ब्याज पर ही पैसा मिल रहा है। जो साहूकारों के चंगुल में फंसने से कहीं अच्छा है।
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