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SBI ग्राहक घर बैठे बदल सकते हैं नाॅमिनी का नाम, ये है तरीका

आपका पैसा सुरक्षित रहे और आपके साथ किसी अनहोनी के घटने के बाद आपका पैसा आपके प्रियजनों को ही मिले, इसके लिए बैंक, म्यूचुअल फंड, एफडी से लेकर सभी प्रकार के निवेश और बीमा में नाॅमिनी का होना जरूरी है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: February 04, 2021 16:23 IST
 SBI ग्राहक घर बैठे...- India TV Paisa

 SBI ग्राहक घर बैठे बदल सकते हैं नाॅमिनी का नाम, ये है तरीका

आपका पैसा सुरक्षित रहे और आपके साथ किसी अनहोनी के घटने के बाद आपका पैसा आपके प्रियजनों को ही मिले, इसके लिए बैंक, म्यूचुअल फंड, एफडी से लेकर सभी प्रकार के निवेश और बीमा में नाॅमिनी का होना जरूरी है। लेकिन अक्सर बैंक में खाता खुलवाते समय या निवेश एवं बीमा प्रोडक्ट खरीदते समय हम नाॅमिनी के काॅलम को खाली छोड़ देते हैं। कुछ वर्षों से रिजर्व बैंक भी नाॅमिनी का नाम जोड़ने के लिए काफी संजीदा हो गया है। इसे ध्यान में रखते हुए देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने खास सुविधा की शुरुआत की है। 

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इसके तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानि एसबीआई ने कस्टमर्स के लिए खाते में नॉमिनी का नाम जुड़वाने का काम आसान कर दिया है। अब एसबीआई कस्टमर अपने इंटरनेट बैंकिंग के जरिए खाते में नाॅमिनी का नाम जोड़ सकते हैं। ग्राहक चाहें तो यह काम ब्रांच में जाकर भी कराया जा सकता है।

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एसबीआई ने एक ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी हैण् ग्राहकों को बताया है कि अकाउंट होल्डर ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर नॉमिनी का नाम जोड़ सकते हैंए इसके लिए ब्रांच जाने की जरूरत नहीं होगी।

जानिए क्यों जरूरी होता है नाॅमिनी 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी सलाह देता है कि आप अपने बैंक खाते में अपने किसी भी करीबी का नाम नॉमिनी के रूप में जुड़वाएं। आप नया खाता खोलते हैं तो उसके लिए नाॅमिनी जोड़ना जरूरी होता है, लेकिन पुराने खाते में नाॅमिनी का नाम जुड़वाना और भी जरूरी होता है। यह एक तरह से आपके परिवार के लिए सुरक्षा कवच जैसा होता है। दुर्भाग्यवश अगर कोई घटना हो जाए तो खाते में जमा राशि नॉमिनी को ही दी जाती है। अगर नॉमिनी का नाम न हो तो जमा राशि पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसके लिए कानूनी कार्रवाई काफी लंबी होती है। अक्सर कुछ हजार रुपयों के लिए लोग इस झंझट में पड़ते ही नहीं हैं। इसलिए बैंक में सेविंग्स अकाउंट खोलने, म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने या बीमा पॉलिसी लेते समय नॉमिनी का नाम जरूर जुड़वाएं।

किसे बना सकते हैं नॉमिनी

यदि आप विवाहित में तो खाते में नॉमिनी के तौर पर आप पति या पत्नी का नाम दर्ज करा सकते हैं। आप चाहें तो अपने बच्चे, माता.पिता, परिवार के किसी सदस्य या फिर खास मित्र को भी नॉमिनी बना सकते हैं। प्रॉपर्टी या जमा राशि के मालिक की मृत्यु होने पर नॉमिनी को ही उसका फायदा मिलता है। बीमा पॉलिसी लेते समय किसी नॉमिनी का नाम देना जरूरी होता है। आप चाहें तो एक से ज्यादा नॉमिनी का नाम भी दे सकते हैं। आप चाहें तो एक से ज्यादा लोगों को नॉमिनी बना सकते हैंए इसमें कोई नियम का अड़चन नहीं हैण् अकाउंट होल्डर को यह सुविधा मिलती है कि वह नॉमिनी का नाम बदल सकता है

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