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Hindi News पैसा मेरा पैसा Budget से पहले सोना खरीदने का गोल्डन चांस, प्रति 10 ग्राम Gold की कीमत में आई भारी गिरावट

Budget से पहले सोना खरीदने का गोल्डन चांस, प्रति 10 ग्राम Gold की कीमत में आई भारी गिरावट

Gold Price Today: अभी जो सोने का रेट चल रहा है, वह काफी कम है। अगर आपकी प्लानिंग सोना खरीदने की है तो आप उसपर एक बार फिर से विचार कर सकते हैं।

Gold Price latest Update- India TV Paisa Image Source : FILE सोने की कीमत में आई गिरावट

Gold Price latest Update: एक फरवरी को निर्मला सीतारमण देश का आर्थिक बजट पेश करने जा रही हैं। इसको लेकर तैयारी अपने आखिरी चरण पर है। बजट का असर सोने की कीमतों पर भी उस दिन देखने को मिलेगा। बजट में सरकार किन सेक्टर्स पर फोकस करती है, यह उस दिन ही पता चल पाएगा। उस दिन सोने के दाम बढ़ेंगे या घटेंगे यह अभी कहना मुश्किल है, लेकिन अभी जो सोने का रेट चल रहा है, वह काफी कम है। अगर आपकी प्लानिंग सोना खरीदने की है तो आप उसपर एक बार फिर से विचार कर सकते हैं।

Image Source : Fileशुक्रवार को सोने का भाव 70 रुपये की गिरावट के साथ 56,842 रुपये प्रति 10 ग्राम

सोने की कीमत में आई गिरावट

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 70 रुपये की गिरावट के साथ 56,842 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 56,912 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। हालांकि, चांदी की कीमत 451 रुपये की तेजी के साथ 68,874 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के एक विश्लेषक ने कहा कि दिल्ली में सोने की हाजिर कीमत 70 रुपये की गिरावट के साथ 56,842 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। विदेशी बाजारों में सोना गिरावट के साथ 1,924 डॉलर प्रति औंस पर रहा। जबकि चांदी तेजी के साथ 23.71 डॉलर प्रति औंस पर थी। 

Image Source : Fileपिछले कारोबारी सत्र में सोना 56,912 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।

विश्लेषकों ने कहा कि शुक्रवार को एशियाई कारोबार के घंटों में कॉमेक्स (जिंस बाजार) में सोने की कीमतों में गिरावट रही। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी रिसर्च विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, नवनीत दमानी, ने कहा, ‘‘अमेरिकी में आर्थिक वृद्धि के बेहतर आंकड़े के कारण सोने की कीमतों में गिरावट आई है। इससे फेडरल रिजर्व ब्याज दर को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। फेडरल रिजर्व के अधिकारी इस साल के अंत तक नीतिगत दर के 5 प्रतिशत से ऊपर होने की संभावना जता रहे हैं।

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