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Hindi News पैसा मेरा पैसा Sukanya Samriddhi: बेटी को बनाएं लखपति, जानिए हर दिन 411 रुपये का निवेश कैसे बन जाएगा 66 लाख रुपये

Sukanya Samriddhi: बेटी को बनाएं लखपति, जानिए हर दिन 411 रुपये का निवेश कैसे बन जाएगा 66 लाख रुपये

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाने के लिए आवेदक को फॉर्म के साथ पोस्ट ऑफिस या बैंक में अपनी बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट भी जमा कराना होगा।

Sukanya Samriddhi Account - India TV Paisa Image Source : FILE Sukanya Samriddhi Account

सुकन्या समृद्धि खाताः बेटियों के माता-पिता के लिए, केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि खाता (एसएसए) योजना बहुत खास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की थी। आप अपनी दस साल की उम्र तक की बच्ची के नाम पर खाता खोल सकते हैं। यह खाता डाकघर या अधिकृत बैंक में खोला जा सकता है। यहां सरकार प्रति वर्ष 7.6 प्रतिशत ब्याज प्रदान करती है। इस ब्याज की गणना सालाना और सालाना चक्रवृद्धि होती।
 
बेटी का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए केंद्र की सुकन्या समृद्धि योजना एक बेहद आक​र्षक स्कीम है। अपनी लॉन्चिंग से लेकर अब तक यह योजना काफी लोकप्रिय साबित हुई है। सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए न्यूनतम 250 रुपये और 50 के गुणकों में किया जाता है। अधिकतम 1,50,000 रुपये जमा करा सकता है। इस योजना की खासबात यह है कि कोई भी व्यक्ति जिसकी 10 साल से छोटी अधिकतम 2 बेटियां हैं, वह मात्र 250 रुपये के निवेश से बेटी का भविष्य उज्ज्वल बना सकता है। यानि दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यहां सिर्फ प्रति दिन 1 रुपये के निवेश से मोटा निवेश कमा सकते हैं। 

प्रतिदिन 411 रुपये का निवेश कैसे बनेगा 66 लाख? 

अगर कोई 15 साल के लिए हर साल पूरे 1.5 लाख रुपये टैक्स-फ्री निवेश करता है, तो उनका अंतिम निवेश 22,500,000 या लगभग 411 रुपये प्रति दिन होगा। जब लड़की 21 साल की हो जाएगी, तो उसे 65,93,071 (22,50,000 से अधिक 43,43,071 ब्याज) का परिपक्वता भुगतान प्राप्त होगा।

सुकन्या समृद्धि खाता- टैक्स लाभ

सुकन्या खाता पर कर दाता को आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत निवेश के लिए कर कटौती की अनुमति देती है। मौजूदा सीमा के तहत 1.5 लाख तक की वार्षिक कटौती की अनुमति है। आयकर अधिनियम की धारा 10 के अनुसार, अर्जित ब्याज कराधान के अधीन नहीं है। परिपक्वता या निकासी पर आय की प्राप्ति भी कराधान से मुक्त है।

एसबीआई में कैसे खुलवाएं सुकन्या खाता

स्टेट बैंक में सुकन्या खाता खोलने की विधि बहुत सीधी है। इसके लिए आपको निकटतम SBI शाखा जाना होगा, जहां बैंक अधिकारी आपको और सहायता कर सकते हैं। आपको बस इतना करना है कि दस्तावेजों और न्यूनतम जमा राशि के साथ 250 रुपये का सुकन्या योजना के लिए आवेदन पत्र भरना है। एक बार दस्तावेज प्रमाणित होने के बाद आपका खाता सफलतापूर्वक खोला जाएगा। यहां तक ​​कि अगर आपके पास एसबीआई के साथ एक मौजूदा खाता नहीं है, तो यदि आप एक बालिका के कानूनी अभिभावक हैं और साथ ही अन्य पात्रता आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं तो आप एक एसएसवाई खाता खोल सकते हैं। बालिका के नाम पर, एसबीआई एसएसवाई खाता खोलने वाले व्यक्ति को या तो कानूनी अभिभावक होना चाहिए या बालिका के माता-पिता। व्यक्ति को जमाकर्ता होना चाहिए और इस प्रकार खाते का प्रबंधन तब तक करना चाहिए जब तक कि बालिका 10 वर्ष की आयु तक नहीं पहुंच जाती है।

ऐसे ऑनलाइन जानें बैलेंस

सुकन्या खाते में आपने अब तक कितना पैसा जमा किया है और आपको अब तक कितना फायदा हुआ है। इसकी जानकारी आप ऑनलाइन पता कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस से ऑनलाइन बैंकिंग का पासवर्ड लेना होगा। यदि आप पहले से ही इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं तो आप आसानी से अपनी बचत की स्थिति देख सकते हैं। 

250 रुपये में खुलवाएं सुकन्‍या खाता

आप देश भर में मौजूद किसी भी पोस्‍ट ऑफिस एवं बैंक के माध्‍यम से सुकन्या खाता खुलवा सकते हैं। खास बात यह है कि इसमें आप कम से कम 250 रुपये की राशि से खाता खुलवा सकते हैं। बैंक या डाकघर में जाकर उसका जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। इसके साथ ही अभिभावक को अपना फोटो, पता एवं पहचान का प्रमाण पत्र जमा कराना होगा। आप चाहें तो अधिक पैसा भी जमा कर सकते हैं। इस योजना के तहत अधिकतम निवेश सीमा 1.5 लाख रुपये है। यहां आपको 21 साल तक निवेश करना होगा।

एक बच्ची के नाम पर सिर्फ एक खाता

एक बच्ची के नाम पर सिर्फ एक खाता खोला जा सकता है। एक अभिभावक अधिक से अधिक 2 बेटियों के नाम से अकाउंट खुलवा सकता है। अगर जुड़वां या तीन बच्चियां एक साथ होती हैं, तो फिर तीसरी बच्ची को भी इसका फायदा मिलेगा।

कब तक करना होगा निवेश

बच्ची के 10 साल के होने से पहले तक ये खाता खोला जा सकता है। शुरुआती 14 साल के लिए खाते में रकम जमा करनी होती है। ये योजना 21 साल के बाद मैच्योर होती है। यानि आप 21 साल के बाद ही पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि, 18 साल की उम्र के बाद अगर बेटी की शादी होती है तो पैसा निकाल सकते हैं। इसके अलावा 18 वर्ष की उम्र के बाद बेटी की पढ़ाई के लिए 50 फीसदी तक पैसा निकाल सकते हैं।

जरूरी दस्‍तावेज

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाने के लिए आवेदक को फॉर्म के साथ पोस्ट ऑफिस या बैंक में अपनी बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट भी जमा कराना होगा। इसके अलावा बच्ची और माता-पिता का पहचान पत्र (पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट) और जहां रह रहे हों उसका प्रमाण पत्र (पासपोर्ट, राशन कार्ड, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, पानी का बिल) जमा कराना होगा।

टैक्‍स में छूट

सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है। मैच्योरिटी पर जो रकम मिलती है, उस पर टैक्स नहीं लगता। बाकी सभी योजनाओं की तुलना में इसमें ब्याज ज्‍यादा मिलता है। बच्ची की उच्च शिक्षा और शादी-ब्याह के लिए बचत कर सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना के कुछ नियम और शर्त:

  1. खाता खोलने के दिन से 21 साल पूरे होने पर खाता मैच्योर हो जाता है लेकिन शर्त ये है कि अगर बेटी की शादी खाते के 21 साल पूरे होने से पहले हो जाती है तो खाते को वहीं बंद करना पड़ता है। उसके आगे संचालन की अनुमति नहीं मिलती है
  2. पहले सिर्फ दो बेटियों का ही खुलवाया जा सकता था खाता लेकिन अब तीन खाते भी आप खोल सकते हैं। उसके लिए बर्थ सर्टिफिकेट से साथ हलफनामा देना पड़ेगा
  3. अब बेटी के नाम पर तीसरा खाता दूसरे जन्म के रूप में जुड़वां बालिकाओं का जन्‍म होने या यदि पहले जन्म में ही तीन बालिकाओं का जन्‍म होने पर खोला जा सकता है
  4. अगर खाते में सालाना 250 रुपये जमा नहीं किए जाते हैं तो इसे डिफॉल्ट खाता मान लिया जाएगा लेकिन योजना के तहत उस खाते में ब्याज दर मौजूदा जमा रकम पर जुड़ता रहेगा
  5. बेटी के 18 वर्ष का होने तक SSY खाता संभालने की अनुमति नहीं दी जाएगी (पहले आयु सीमा 10 वर्ष थी)
  6. सरकार की तरफ से 100 प्रतिशत सुरक्षा गारंटी मिलती है
  7. मैच्योरिटी के बाद भी जमा राशि पर तब तक वही ब्याज रकम मिलता रहेगा जब तक खाता बंद न कर दिया जाए

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