Coronavirus Pandemic: ऑटो टैक्सी-रेहड़ी वालों की कमाई पर पड़ रहा बुरा असर, दिन का 200 रुपए कमाना हुआ मुश्किल
कोरोना के कहर का असर ऑटो, टैक्सी और खोमचे वालों के साथ-साथ ट्यूशन टीचर की कमाई पर भी पड़ा है।

दुनियाभर में अबतक 11,000 से ज्यादा लोगों की हो चुकी है मौत
कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में अब तक 11 हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। दुनियाभर में कोरोना वायरस के ढाई लाख से अधिक मामले सामने आये हैं। एएफपी ने आधिकारिक सूत्रों के आधार पर शुक्रवार को यह आंकड़ा दिया। दुनिया के 163 देशों से इस रोग के कम से कम 256,296 मामले सामने आये और 11015 मरीजों की मौत हो गयी। कोरोना वायरस संक्रमण के 63 नये मामले सामने आने के बाद शुक्रवार की शाम को देश में इस संक्रमण के कुल मामले आईसीएमआर के अनुसार बढ़कर 236 हो गये जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का आंकड़ा 223 है। इस बीच दिल्ली और महाराष्ट्र सरकारों ने इस बीमारी की रोकथाम के लिए सार्वजनिक स्थानों को बंद करने की घोषणा की। 'लॉकडाउन' (Lock Down) का सीधा सा मतलब होता है तालाबंदी, जिस तरह किसी फैक्ट्री को बंद किया जाता है तो वहां तालाबंदी हो जाती है और कोई भी कर्मचारी भीतर नहीं जा सकता। ठीक उसी तरह अपने आपको घर में कैद कर लिया जाता है।
भारत में भी हो लॉक डाउन
कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए पूर्ण पाबंदी की जरूरत है तथा लोगों के यात्रा करने पर भी रोक लगानी होगी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रीसर्च (आईसीएमआर) के डाक्टरों का कहना है कि वर्तमान स्टेज में ही भारत में सभी स्थानों को बीमारी से पहले ही लॉक डाउन कर दिया जाना चाहिए। इससे समाज में महामारी के स्तर पर इसके फैलाव को रोका जा सकेगा। डा. भार्गव के अनुसार अभी भारत में यह नियंत्रित स्थिति में है।
संक्रमण फैलने के 4 चरणों को ऐसे समझें
- जब बाहर से आने वाले लोगों में यह संक्रमण पाया गया।
- जब विदेश से संक्रमित होकर आये व्यक्ति के संपर्क में आकर किसी को यह रोग हुआ। फिलहाल भारत में कोरोना वायरस दूसरे चरण पर है।
- तीसरे चरण में संक्रमण सामुदायिक स्तर पर फैलने लगता है। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि मरीज को संक्रमण किस स्थान अथवा व्यक्ति से हुआ जबकि उस व्यक्ति ने न तो कहीं यात्रा की होती है और न ही किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का कोई रिकार्ड होता है।
- अंतिम स्टेज में यह बीमारी महामारी का रूप ले चुकी होती है। हर तीसरे व्यक्ति में सक्रमण मिलने लगता है तथा इसके सोर्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। चीन व इटली में हालात चौथे स्टेज पर पहुंच चुकी है।