A
Hindi News पैसा बिज़नेस महंगा हो सकता है हवाई सफर, सरकार कर रही है पैसेंजर सर्विस फीस बढ़ाने पर विचार

महंगा हो सकता है हवाई सफर, सरकार कर रही है पैसेंजर सर्विस फीस बढ़ाने पर विचार

हवाई सफर जल्द महंगा हो सकता है। दरअसल सरकार विमान यात्रियों द्वारा दिए जाने वाले पैसेंजर सर्विस फीस में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है।

महंगा हो सकता है हवाई सफर, सरकार कर रही है पैसेंजर सर्विस फीस बढ़ाने पर विचार- India TV Paisa महंगा हो सकता है हवाई सफर, सरकार कर रही है पैसेंजर सर्विस फीस बढ़ाने पर विचार

नई दिल्ली। विमान यात्रियों द्वारा दिए जाने वाले पैसेंजर सर्विस फीस (PSF) में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी वजह यह है कि सरकार सुरक्षा और सुगमता शुल्कों में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है तो हवाई यात्रा की टिकटें कुछ महंगी हो सकती हैं। एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद नागर विमानन मंत्रालय से हवाई अड्डों पर सुरक्षा प्रबंध की लागत निकालने के लिए तरीके ढूंढने को कहा गया है।

महंगा हो सकता है हवाई सफर

शुक्रवार को गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू, नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बीच विमान सुरक्षा को लेकर अहम बैठक हुई। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय से भी यह पता लगाने को कहा गया है कि देश में 143 कामकाज वाले हवाई अड्डों की सालाना सुरक्षा लागत कितना बैठेगी। इन दोनों मंत्रालयों से रिपोर्ट दो महीने में आने की उम्मीद है। उसके बाद पीएसएफ में वृद्धि पर फैसला किया जाएगा।यह भी पढ़े: PM मोदी ने शुरू की सस्ते हवाई सफर वाली उड़ान स्कीम, 1 घंटे के सफर की कीमत 2500 रुपए

फिलहाल 130 रुपए देना होती फीस

देश में प्रत्येक विमान यात्री को सुरक्षा शुल्क के रूप में 130 रुपए देने पडते हैं। यह एयरलाइंस द्वारा टिकट की बिक्री करते समय लिए जाने वाले 225 रुपये के पैसेंजर सर्विस फीस का हिस्सा होता है। एक अधिकारी ने कहा कि पिछले 15 साल से 130 रुपये के सुरक्षा शुल्क में इजाफा नहीं हुआ है। यह भी पढ़े:जेट एयरवेज का वैश्विक विस्तार पर जोर, जल्द शुरू करेगा चेन्नई-पेरिस और बेंगलुरू एम्सटर्डम उड़ानें

क्यों होगी बढ़ोतरी

अब जबकि देश में हवाई अड्डों की सुरक्षा लागत कई गुना बढ़ चुकी है, इस बात की संभावना बनती है कि इसमें बढ़ोतरी होगी। फिलहाल इस बात पर एक राय नहीं है कि देश में हवाई अड्डों पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की सुरक्षा प्रदान करने के लिए गृह मंत्रालय के 800 करोड़ रुपये के बिल का बोझ कौन उठाएगा। नागर विमानन मंत्रालय की दलील है कि सुरक्षा सरकार का कामकाज है, ऐसे में यह पैसा देश के संचित निधि से आना चाहिए। वहीं वित्त मंत्रालय का कहना है कि इसका बोझ विमान यात्रियों पर डाला जाना चाहिए।यह भी पढ़े:आम लोगों के लिए सस्ती नहीं साबित होने जा रही ‘उड़ान’, सफर पर औसत खर्च करते हैं सिर्फ 180 रुपए

Latest Business News