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सरकार ने दी RIL-Brookfield मोबाइल टॉवर सौदे को मंजूरी, विलय योजना पर आगे बढ़ेगी भारती इन्फ्राटेल

भारती इन्फ्राटेल के निदेशक मंडल ने इंडस टॉवर्स के साथ विलय की योजना पर आगे बढ़ने का फैसला किया है।

Govt approves Rs 25,215-cr RIL-Brookfield mobile tower deal- India TV Paisa Image Source : BUSINESS INSIDER Govt approves Rs 25,215-cr RIL-Brookfield mobile tower deal

नई दिल्‍ली। सरकार ने रिलायंस इंडस्‍ट्रीज की अनुषंगी और कनाडा की ब्रुकफील्‍ड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पार्टनर्स एलपी के बीच 25,215 करोड़ रुपए के सौदे को अपनी मंजूरी दे दी है। इस सौदे के तहत 1.35 लाख से अधिक मोबाइल टॉवर्स की बिक्री की शामिल है। रिलायंस इंडस्‍ट्रीज की इकाई रिलायंस इंडस्ट्रियल इनवेस्‍टमेंट एंड होल्डिंग्‍स लि. (आरआईआईएचएल) जिसका नाम बदलकर आरपीपीएमएसएल ने ब्रुकफील्‍ड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पार्टनर्स एलपी और उसके भागीदार के साथ टॉवर बिजनेस बेचेने के लिए दिसंबर 2019 में एक बाध्‍यकारी समझौता किया था।

टॉवर कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड और रिलायंस प्रोजेक्‍ट्स एंड प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सर्विसेस लि. ने इस सौदे के लिए एक मास्‍टर सर्विस समझौता किया था, जिसके तहत रिलायंस जियो नई कंपनी की अगले 30 साल तक किरायेदार बनी रहेगी। 31 मार्च, 2020 तक टॉवर कंपनी के पास 1,35,047 टॉवर थे। चालू वित्‍त वर्ष के दौरान इनकी संख्‍या बढ़ाकर 1,74,451 करने की है। वर्तमान में रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड इन टॉवर्स की अकेली किरायेदार है। ब्रुकफील्‍ड परिचालन वाली टॉवर कंपनी की 100 प्रतिशत हिस्‍सेदारी खरीदेगी। 

इंडस टॉवर्स के साथ विलय की योजना पर आगे बढ़ेगी भारती इन्फ्राटेल

भारती इन्फ्राटेल के निदेशक मंडल ने इंडस टॉवर्स के साथ विलय की योजना पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि इंडस टॉवर्स में अपनी 11.15 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए वोडाफोन आइडिया द्वारा करीब 4,000 करोड़ रुपए का नकद मूल्य लगाए जाने की संभावना है। कंपनी ने कहा कि उसके निदेशक मंडल की 31 अगस्त, 2020 को हुई बैठक में इंडस टॉवर्स और भारती इन्फ्राटेल के बीच विलय की योजना और संबंधित करारों की स्थिति की समीक्षा की गई।

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि विचार-विमर्श के बाद निदेशक मंडल ने इस योजना पर आगे बढ़ने और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से संपर्क करने और विलय के लिए अन्य प्रक्रियागत जरूरतों के अनुपालन के लिए चेयरमैन को अधिकृत करने का फैसला किया है। सूत्रों ने बताया कि विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली इकाई में भारती एयरटेल की 36.7 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

वोडाफोन-यूके के पास 28.2 प्रतिशत, प्रोविडेंस इक्विटी पार्टनर्स के पास 3.2 प्रतिशत और सार्वजनिक हिस्सेदारी 31.6 प्रतिशत रहेगी। सूत्रों ने कहा कि पूर्व के विलय अनुपात (प्रत्येक इंडस शेयर पर भारती इन्फ्राटेक के 1,565 शेयर) को बदलकर प्रत्येक इंडस शेयर पर भारती इन्फ्राटेल के 1,519 शेयर कर दिया गया है। 

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