सावधान: नहीं मिलेगा पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा, इन लोगों को दोबारा करना होगा आवेदन
सावधान: नहीं मिलेगा पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा, इन लोगों को दोबारा करना होगा आवेदन
India TV Paisa Desk
Published : Feb 10, 2021 01:51 pm IST, Updated : Feb 10, 2021 01:51 pm IST
अगर आपको या आपके परिवार के सदस्यों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पैस मिल रहा है तो यह खबर आपके लिए है।
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अगर आपको या आपके परिवार के सदस्यों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पैस मिल रहा है तो यह खबर आपके लिए है। सरकार ने उन लोगों को मिलने वाली किसान सम्मान निधि का पैसा तुरंत रोकने के आदेश दिए हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है। सरकारी आदेश के अनुसार मृतक किसान के उत्तराधिकारी को इसके लिए दोबारा से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है तब तक किसान सम्मान निधि की अगली किस्त जारी नहीं की जाएगी।
सरकारी आदेश के अनुसार मृत्यु की सूचना मिलने पर निधि की किस्तों का आवंटन तुरंत रोक दिया जाएगा। इसके बाद किस्त तब ही जारी होगी, जब मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी का फैसला हो जाए। सरकार की ओर से इसके लिए दो माह के भीतर औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने यह कदम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में उत्तराधिकारी विवादों की संख्या बढ़ने के चलते उठाया है। सरकार की कोशिश है कि किसानों को योजना के लाभ से वंचित न होने दिया जाए। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को वैधानिक उत्तराधिकारियों के मामले लाभार्थी किसान की मृत्यु होने के दो माह में सुलझाने को कहा गया है।
कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने एक अखबार से बातचीत में बताया कि लाभार्थी भू-स्वामी किसान की मृत्यु होने पर निधि की आगामी किस्तों को रोक दिया जाएगा। केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार मृतक के उत्तराधिकारियों के प्रार्थना पत्र प्राप्त होने पर पात्रता का परीक्षण कराने के बाद ही योजना का लाभ दिया जाएगा। निर्विवाद उत्तराधिकारी का नाम खतौनी में दर्ज कराने की औपचारिकता अधिकतम दो माह में पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मृतक के योग्य उत्तराधिकारी को योजना का लाभ लेने के लिए पीएम किसान पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होगा। नए लाभार्थी को स्वघोषणा पत्र, बैंक खाता संख्या तथा आधार कार्ड के अलावा वारिस की पात्रता का साक्ष्य भी उपलब्ध कराना होगा। मृतक किसानों के सभी डाटाबेस निरस्त करने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों को उत्तराधिकारियों से संबंधित जानकारी दर्ज करानी होगी। राजस्व कर्मियों को भी निधि आवंटन कार्य में सहयोग करने को कहा गया है।