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Hindi News पैसा बिज़नेस सरकार का बड़ा दावा- बीते एक साल में 2.22 करोड़ लोगों को मिला रोजगार, इतने लगे जॉब फेयर

सरकार का बड़ा दावा- बीते एक साल में 2.22 करोड़ लोगों को मिला रोजगार, इतने लगे जॉब फेयर

केंद्र सरकार ने अब तक 18,000 रोजगार मेलों का आयोजन किया है। इसके तहत सरकारी क्षेत्र में 11.49 लाख नियुक्तियां की गई हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में केंद्र सरकार द्वारा 17 करोड़ रोजगार अवसर पैदा किए।

2004 से 2014 के बीच रोजगार में 2.9 करोड़ की बढ़ोतरी हुई थी।- India TV Paisa Image Source : PIXABAY 2004 से 2014 के बीच रोजगार में 2.9 करोड़ की बढ़ोतरी हुई थी।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मंसुख मांडविया ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित 18,000 से अधिक जॉब फेयर के जरिए 2.22 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि देश में रोजगार सृजन की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और बेरोजगारी दर घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है। प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल को एकीकृत मंच के रूप में विकसित किया है, जो नौकरी से जुड़ी तमाम सेवाओं के लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के तौर पर काम कर रहा है।

सरकारी क्षेत्र में 11.49 लाख नियुक्तियां की गईं

खबर के मुताबिक, मांडविया ने बताया कि केंद्र सरकार ने अब तक 18,000 रोजगार मेलों का आयोजन किया है, जिनके माध्यम से सरकारी क्षेत्र में 11.49 लाख नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में एनसीएस पोर्टल को लगातार मजबूत किया गया है और वर्तमान में इससे 55 लाख कंपनियां जुड़ी हुई हैं, जबकि सभी राज्य सरकारों के रोजगार प्लेटफॉर्म भी इससे लिंक किए गए हैं। मंत्री के अनुसार, बीते 10 वर्षों में 6 करोड़ से अधिक युवाओं ने एनसीएस पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। उन्होंने यह भी बताया कि पोर्टल को ई-माइग्रेट, युवा भारत और स्किल डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, ताकि रोजगार के लिए एक एकल विंडो व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

बिहार 39.8 लाख युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया

बिहार का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में 53 लाख लोगों ने एनसीएस पर पंजीकरण कराया, जिनमें से 39.8 लाख युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया और उनके लिए रोजगार के अवसर सृजित किए गए। इसके अलावा, 4.5 लाख युवाओं ने जॉब फेयर में हिस्सा लिया, जिनमें से 90 हजार शॉर्टलिस्ट हुए और 43 हजार को नौकरी मिली। अपने लिखित उत्तर में मंत्री ने स्पष्ट किया कि जॉब फेयर युवाओं को रोजगार देने की सरकार की प्रतिबद्धता का अहम हिस्सा हैं। इन मेलों का उद्देश्य स्थानीय श्रम बाजार की जरूरतों के मुताबिक नियोक्ताओं और नौकरी तलाशने वालों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है। 20 जनवरी 2026 तक बिहार में एनसीएस परियोजना के तहत 3,280 जॉब फेयर आयोजित किए गए, जिनमें 8,492 नियोक्ताओं ने भाग लिया। हालांकि, एनसीएस पोर्टल पर अंतिम नियुक्ति के आंकड़े साझा करना अनिवार्य नहीं है।

एक दशक में केंद्र सरकार द्वारा 17 करोड़ रोजगार अवसर सृजित किए

एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि आरबीआई के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में केंद्र सरकार द्वारा 17 करोड़ रोजगार अवसर सृजित किए गए हैं। वहीं, 2004 से 2014 के बीच रोजगार में 2.9 करोड़ की बढ़ोतरी हुई थी। 2024 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल रोजगार अवसर बढ़कर 64.33 करोड़ हो गए हैं। गिग वर्कर्स को लेकर पूछे गए सवाल पर मांडविया ने कहा कि यह रोजगार का उभरता हुआ क्षेत्र है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को काम मिल रहा है। अनुमान के अनुसार, देश में करीब 2 करोड़ गिग वर्कर्स कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताएं इन श्रमिकों को सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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