केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारपु ने सोमवार को राज्यसभा में इंडिगो एयरलाइंस के जारी परिचालन संकट पर स्पष्टीकरण दिया है। मंत्री ने साफ किया कि यह व्यापक अव्यवस्था पायलटों के नए नियमों (एफडीटीएल) के कारण नहीं, बल्कि एयरलाइन की आंतरिक योजना और प्रबंधन में गंभीर खामियों के कारण उत्पन्न हुई है। खबर के मुताबिक, मंत्री ने इंडिगो को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इंडिगो को अपने दैनिक संचालन के तहत क्रू रोस्टर को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना चाहिए था। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि एफडीटीएल नियमों का पूरी तरह पालन हो और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही।"
मंत्रालय की निगरानी और हस्तक्षेप
मंत्री ने बताया कि मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर रख रहा था और समस्या अचानक उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर को हमारी इंडिगो के साथ एफडीटीएल को लेकर बैठक हुई थी। एयरलाइन ने कुछ स्पष्टीकरण मांगे, जिन्हें हमने तुरंत प्रदान कर दिया। उस समय किसी भी समस्या की ओर संकेत नहीं किया गया था और संचालन सामान्य रूप से चल रहा था। लेकिन 3 दिसंबर को अचानक स्थिति बिगड़ती दिखी, जिसके बाद मंत्रालय ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
यात्रियों को हुई भारी परेशानी पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने स्वीकार किया कि इन दो दिनों में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हम इस स्थिति को बिल्कुल हल्के में नहीं लेते। मामले की जांच जारी है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, न केवल इस मामले में, बल्कि पूरे उड्डयन क्षेत्र के लिए एक उदाहरण स्थापित करने के उद्देश्य से। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की चूक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
आज भी कैंसिल हुई हैं फ्लाइट्स
स्रोतों के अनुसार, संकट में फंसी इंडिगो एयरलाइंस के परिचालन में जारी अव्यवस्था के कारण सोमवार को दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट से 250 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। यह संकट अब लगातार सातवें दिन भी जारी है। दिल्ली एयरपोर्ट से कुल 134 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 75 प्रस्थान और 59 आगमन शामिल हैं। वहीं, बेंगलुरु एयरपोर्ट से 117 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 62 प्रस्थान और 55 आगमन शामिल हैं।
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