बैंक कर्मचारियों की हड़ताल कल, सरकारी बैंकों में लगातार चौथे दिन ठप रहेगा काम, आम लोगों की बढ़ेंगी मुसीबतें
अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 9 संगठनों के संयुक्त संगठन यूएफबीयू द्वारा हड़ताल का ये आह्वान 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के विफल होने के बाद आया है।

देश के करोड़ों आम नागरिकों के लिए कल यानी मंगलवार को भी बैंकिंग सेवाएं नहीं मिल पाएंगी। दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा 5-दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल करने जा रहा है। UFBU की इस हड़ताल से मंगलवार को सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। बताते चलें कि ये लगातार चौथा दिन होगा, जब सरकारी बैंकों में कामकाज नहीं होगा। देश के तमाम बैंक पिछले हफ्ते शनिवार से ही बंद हैं। शनिवार को महीने का चौथा शनिवार था, फिर रविवार और आज गणतंत्र दिवस के मौके पर सभी बैंक बंद थे। अब मंगलवार को हड़ताल की वजह से सरकारी बैंकों का कामकाज ठप रहेगा।
23 जनवरी को हुई मीटिंग फेल होने के बाद हुई थी हड़ताल की घोषणा
अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 9 संगठनों के संयुक्त संगठन यूएफबीयू द्वारा हड़ताल का ये आह्वान 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के विफल होने के बाद आया है। यूएफबीयू के घटक अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (AIBEA) के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम ने बताया, ''सुलह कार्यवाही के दौरान विस्तृत चर्चा के बावजूद हमारी मांग पर कोई आश्वासन नहीं मिला। इसलिए, हम हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं।'' ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के महासचिव रूपम रॉय ने कहा कि मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूएफबीयू के बीच सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बनी थी।
क्या बोले रूपम रॉय
रूपम रॉय ने कहा, ''ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार हमारी वाजिब मांग पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। इससे काम के घंटों का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि हम सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमत हुए हैं।'' यूएफबीयू के एक अन्य घटक नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE) के महासचिव एल. चंद्रशेखर ने कहा, ''ये आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं, बल्कि एक टिकाऊ और मानवीय बैंकिंग प्रणाली के लिए है। पांच-दिवसीय बैंकिंग कोई विलासिता नहीं, बल्कि आर्थिक और मानवीय आवश्यकता है।''
सामान्य दिनों की तरह ही चलता रहेगा प्राइवेट बैंकों का काम
इस हड़ताल की वजह से भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत तमाम सरकारी बैंकों की शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक निपटान और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख प्राइवेट बैंक का कामकाज सामान्य दिनों की तरह चलता रहेगा, क्योंकि प्राइवेट बैंक के कर्मचारी इन यूनियनों का हिस्सा नहीं हैं जो हड़ताल पर जा रही हैं।