Delhi Metro की बड़ी सौगात, रिठाला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का रास्ता साफ, 21 स्टेशन बनेंगे, जानें पूरी बात
यह फैसला दिल्ली मेट्रो फेज-4 की दिशा में एक अहम और निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिससे उत्तर-पश्चिम दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

राजधानी दिल्ली के लिए एक बड़ी और लंबे समय से प्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। रिठाला से बावाना और नरेला होते हुए हरियाणा के कुंडली तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन के निर्माण में आ रही सबसे बड़ी अड़चन अब खत्म हो गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की भूमि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। यह स्वीकृति मेट्रो फेज-4 के तहत रिठाला–बावाना–नरेला–कुंडली कॉरिडोर के लिए दी गई है।
इस भूमि की जरूरत रिठाला से रोहिणी सेक्टर-25 तक एलिवेटेड वायाडक्ट के निर्माण के लिए थी। भूमि आवंटन में देरी के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना वर्षों से ठप पड़ी थी, लेकिन अब मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
21 नए एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे
रिठाला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली और हरियाणा के बीच आवागमन को और मजबूत करेगा। इस पूरे रूट पर 21 नए एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इनके शुरू होने से रोहिणी, बावाना और नरेला जैसे उत्तर-पश्चिम दिल्ली के इलाकों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों तक आसान पहुंच मिलने से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह मेट्रो लाइन रेड लाइन से जुड़ेगी, जिससे पूरे एनसीआर में यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुगम हो जाएगी। सीमावर्ती और अब तक अपेक्षाकृत उपेक्षित क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन का सीधा लाभ मिलेगा।
रोजाना 1.26 लाख यात्रियों के सफर का अनुमान
डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के मुताबिक, वर्ष 2028 तक इस कॉरिडोर के चालू होने के बाद प्रतिदिन लगभग 1.26 लाख यात्री मेट्रो से सफर करेंगे। आने वाले वर्षों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने की उम्मीद है और 2055 तक यह आंकड़ा करीब 3.8 लाख प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। यह मेट्रो लाइन रोहिणी, बावाना, नरेला और हरियाणा के कुंडली जैसे उत्तर-पश्चिम दिल्ली के बड़े लेकिन अब तक कम विकसित उप-शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी देगी। इन इलाकों में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) बड़े पैमाने पर आवासीय परियोजनाएं विकसित कर रहा है, जिनमें नरेला में 3,500 से अधिक फ्लैट शामिल हैं। इसके साथ ही यहां 7 विश्वविद्यालय परिसरों के साथ एक बड़े शैक्षणिक हब का भी विकास किया जा रहा है।
नरेला के विकास को मिलेगी नई गति
इस फैसले से नरेला क्षेत्र के समग्र विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। नरेला को शिक्षा, आवास और खेल गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाएं अब तेजी से अमल में लाई जा सकेंगी। इसके अलावा, क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार देखने को मिलेगा।
वर्षों से लंबित था भूमि आवंटन का मामला
यह भूमि आवंटन का मामला पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान कई वर्षों तक लंबित रहा था। अब उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद दिल्ली जल बोर्ड अपनी रिठाला स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की 50 वर्ग मीटर भूमि डीएमआरसी को 99 वर्षों के लिए स्थायी लीज पर देगा। वहीं, वायाडक्ट निर्माण के लिए 1286 वर्ग मीटर भूमि चार वर्षों के लिए अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। नियमों के तहत डीएमआरसी दिल्ली जल बोर्ड को कुल 75,50,353 रुपये का भुगतान करेगा। इसमें 12.29 लाख रुपये स्थायी भूमि और 63.21 लाख रुपये अस्थायी भूमि के लिए शामिल हैं। यह भूमि केवल मेट्रो निर्माण कार्य के लिए ही उपयोग में लाई जाएगी।