A
Hindi News पैसा बिज़नेस दिल्ली में कटा 4.87 लाख से ज्यादा गाड़ी चालकों का मोटा चालान, कर दी थी ये गंभीर लापरवाही

दिल्ली में कटा 4.87 लाख से ज्यादा गाड़ी चालकों का मोटा चालान, कर दी थी ये गंभीर लापरवाही

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का यह सख्त रुख राजधानी में बढ़ते वाहन प्रदूषण पर नियंत्रण और सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

गाड़ियों को रोककर जांच करते पुलिस अधिकारी।- India TV Paisa Image Source : PTI गाड़ियों को रोककर जांच करते पुलिस अधिकारी।

दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस साल अक्टूबर तक 4.87 लाख से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई की है, जिन्होंने वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC नहीं कराया था। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि में दर्ज 3.78 लाख चालानों की तुलना में करीब 20% अधिक है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह सख्ती उस समय की जा रही है जब राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। खबर के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए उल्लंघनकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

बढ़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर तक कुल 8.87 लाख चालान ऐसे वाहनों के खिलाफ जारी किए गए जिनके पास वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं था।
इसके अलावा, 941 वाहनों को खुले में सीमेंट, रेत और धूल जैसी निर्माण सामग्री ढोने पर दंडित किया गया, जबकि 12 पुरानी (एंड-ऑफ-लाइफ) गाड़ियों को प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने पर जब्त किया गया।

क्षेत्रवार PUC उल्लंघन

पश्चिमी रेंज: 1,14,754 चालान (सबसे अधिक)
पूर्वी रेंज: 1,09,707 चालान
दक्षिणी रेंज: 1,06,939 चालान
उत्तरी रेंज: 96,984 चालान
उत्तर-पश्चिम रेंज: 83,438 चालान
सेंट्रल रेंज: 76,012 चालान

चालान भरने में सुस्ती

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कठोर प्रवर्तन के बावजूद सिर्फ 10% चालानकर्ताओं ने ही जुर्माना भरा है। बिना वैध PUC प्रमाणपत्र के गाड़ी चलाने पर मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत ₹10,000 का जुर्माना तय है।

GRAP के तहत बढ़ी सख्ती

Graded Response Action Plan (GRAP) लागू होने के बाद से ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। 14 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच 46,921 चालान बिना PUC वाले वाहनों पर जारी किए गए। इसी अवधि में,सीमाओं पर तैनात टीमों ने 82,334 वाणिज्यिक वाहनों की जांच की,जिनमें से 3,018 वाहनों को प्रदूषण मानकों पर खरा न उतरने के कारण दिल्ली में प्रवेश से रोका गया। औसतन हर दिन 712 व्यावसायिक वाहनों को नो-एंट्री या समय-सीमा उल्लंघन के लिए चालान किया गया। वहीं, 204 निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों पर ₹20,000-₹20,000 का जुर्माना लगाया गया क्योंकि उन्होंने अपने लोड को ढंका नहीं था। GRAP का स्टेज-2 19 अक्टूबर से प्रभावी हो गया है।

सीमाओं पर चौकसी और जागरुकता

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “सड़क किनारे निगरानी और ऑटोमेटेड चेकिंग को और कड़ा किया गया है। खास तौर पर PUC अनुपालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि प्रदूषण नियंत्रण और ट्रैफिक अनुशासन दोनों को एक साथ मजबूत किया जा सके। हमने उन बाहरी मार्गों पर भी जांच बढ़ाई है, जहां से बड़ी संख्या में वाहन दिल्ली में प्रवेश करते हैं।

अधिकारी ने बताया कि BS-III या उससे निचले ग्रेड के वाहनों को दिल्ली में प्रवेश से रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की 23 संयुक्त टीमें 24 घंटे सीमाओं पर तैनात हैं। ये टीमें औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और मुख्य सड़कों पर भी सक्रिय निगरानी रख रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि चालक प्रतिबंधों के बारे में पहले से सचेत रहें। साथ ही, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

Latest Business News