डोनाल्ड ट्रंप की 'सनक' से अमेरिकियों पर टूटा महंगाई का पहाड़, भारी टैरिफ की वजह से महंगी हुईं रोजमर्रा की चीजें
अमेरिका में इस साल के अंत तक, खाद्य कीमतों में 3.4% की बढ़ोतरी का अनुमान है, जो 20 साल के ऐतिहासिक औसत 2.9% से भी ज्यादा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में महंगाई कम करने जैसे तमाम वादों के दम पर चुनाव जीता और दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने। लेकिन, चुनाव जीतने के बाद आम अमेरिकियों को महंगाई से राहत तो मिलती नहीं दिखाई दे रही, लेकिन उन पर लगातार महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। ट्रंप द्वारा अलग-अलग देशों पर लगाए भारी-भरकम टैरिफ की वजह से अमेरिकियों को अब किसी भी आयातित चीज को खरीदने के लिए ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
1933 के बाद सबसे ज्यादा टैरिफ चुका रहे हैं अमेरिकी
वॉशिंगटन की सीनेटर पैटी मरे ने अपने X पर कहा, "आज की तारीख में, ट्रंप की बदौलत, अमेरिकी 1933 के बाद से सबसे ज्यादा टैरिफ चुका रहे हैं और ट्रंप के टैरिफ की वजह से एवरेज हाउसहोल्ड को 2400 डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा। ट्रंप की वजह से आप लगभग सभी चीजों के लिए ज्यादा भुगतान कर रहे हैं।"
कम इनकम वाले परिवारों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर
USDA की इकोनॉमिक रिसर्च सर्विस के लेटेस्ट फूड प्राइस आउटलुक के मुताबिक, इस साल जून से जुलाई तक समग्र खाद्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 0.2% की बढ़ोतरी हुई है, जो समग्र मुद्रास्फीति के अनुरूप है, लेकिन ये खुदरा कीमतों पर लगातार दबाव का संकेत देता है। इस साल के अंत तक, खाद्य कीमतों में 3.4% की बढ़ोतरी का अनुमान है, जो 20 साल के ऐतिहासिक औसत 2.9% से भी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी का सबसे बुरा असर, अमेरिका के उन लोगों और परिवारों पर पड़ेगा, जिनकी इनकम कम है।
कृषि उत्पादों की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावनाएं
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के अलावा कनाडा और मेक्सिको पर भी भारी-भरकम टैरिफ लगाया है। कनाडा और मेक्सिको अमेरिका को बड़ी मात्रा में कृषि उत्पादों का निर्यात करते हैं। जिससे, सीधे तौर पर अमेरिका में कृषि उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो जाएगी। अमेरिका ने 2023 में 195.9 अरब डॉलर के कृषि उत्पादों का आयात किया, जिसमें मेक्सिको और कनाडा का योगदान 44% था।
उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा बढ़े हुए टैरिफ का बोझ
येल बजट लैब के अनुसार, अमेरिका में खाद्य पदार्थों की कीमतों में कुल मिलाकर 2.8% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिसमें ताजा उपज में 4% की बढ़ोतरी शामिल है। थोक विक्रेता और खुदरा विक्रेता जैसे आयातक उच्च लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डालते हैं। अमेरिका 94% झींगा (ज्यादातर इक्वाडोर, भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम से, जिन पर 10-50% टैरिफ लागू हैं), 55% ताजे फल और 32% ताजी सब्जियों के आयात पर निर्भर है।
