भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की। इस दौरान यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने मीडिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन जैसे दिग्गजों के सामने अपना OCI (भारत के प्रवासी नागरिक) कार्ड दिखाया। एंटोनियो लुइस ने अपना कार्ड दिखाते हुए कहा, "मैं यूरोपियन काउंसिल का प्रेसिडेंट हूं, लेकिन मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटीजन भी हूं। तो, जैसा कि आप समझ सकते हैं कि मेरे लिए इसका एक खास मतलब है। मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया था और यूरोप और भारत के बीच का रिश्ता मेरे लिए बहुत पर्सनल है।"
भारत के इन उत्पादों को 27 देशों में मिलेगा शुल्क-मुक्त प्रवेश
बताते चलें कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए इस ऐतिहासिक एफटीए को लेकर जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि इस समझौते के तहत परिधान, रसायन और जूते-चप्पल जैसे कई घरेलू क्षेत्रों को 27 देशों के इस समूह में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। वहीं, यूरोपीय संघ (ईयू) को कारों और वाइन के लिए रियायती शुल्क पर भारतीय बाजार तक पहुंच प्राप्त होगी। दो दशकों से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद संपन्न हुए इस समझौते को 'अबतक का सबसे बड़ा’ समझौता कहा गया है। यह लगभग दो अरब लोगों का बाजार तैयार करेगा। अधिकारी ने कहा कि वाहन और इस्पात को छोड़कर, भारत के लगभग सभी सामानों (93 प्रतिशत से अधिक) को यूरोपीय संघ में शून्य-शुल्क पहुंच मिलेगी।
एफटीए लागू होने के साथ ही 90 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर खत्म हो जाएगा आयात शुल्क
बाकी 6 प्रतिशत से ज्यादा वस्तुओं के लिए भारतीय निर्यातकों को शुल्क में कटौती और कोटा-आधारित शुल्क रियायतें (जैसे ऑटोमोबाइल के लिए) मिलेंगी। यूरोपीय संघ इस मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने के साथ ही पहले दिन भारत के 90 प्रतिशत सामानों पर आयात शुल्क समाप्त कर देगा। यह समझौता अगले साल की शुरुआत में लागू होने की उम्मीद है। अन्य तीन प्रतिशत वस्तुओं पर शुल्क को सात वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। अधिकारी ने कहा, ''इस प्रकार ईयू द्वारा भारत को व्यापार मूल्य के 99.5 प्रतिशत हिस्से पर रियायतें दी जा रही हैं।'' दूसरी ओर, यूरोपीय संघ को भारत में दस वर्षों की अवधि में अपने 93 प्रतिशत सामानों के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। भारत समझौते को लागू करने के पहले दिन यूरोपीय वस्तुओं के केवल 30 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क हटाएगा।
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