इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयर समेत कई एयरलाइंस की चेक-इन सेवाएं गुरुवार सुबह अस्थायी रूप से प्रभावित हो गईं। यह दिक्कत दिल्ली और मुंबई सहित देश के कई प्रमुख हवाईअड्डों पर देखने को मिली, जिससे यात्रियों को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 6:45 बजे से 7:28 बजे के बीच वैश्विक एयरलाइन रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म नेविटेयर में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण चेक-इन सिस्टम प्रभावित हुआ। यह प्लेटफॉर्म एयरलाइंस के लिए बुकिंग, टिकट रिजर्वेशन, चेक-इन और डिपार्चर कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन को संभालता है।
करीब 40 मिनट तक रही परेशानी
तकनीकी खराबी के चलते काउंटर और सेल्फ-चेक-इन कियोस्क पर यात्रियों की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। करीब 40 मिनट तक चली इस बाधा के कारण कुछ फ्लाइट्स में मामूली देरी हुई, हालांकि किसी बड़े स्तर पर उड़ान रद्द या व्यापक उड़ानों की खबर नहीं है। मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि आउटेज की शुरुआत एशिया-प्रशांत क्षेत्र से हुई और बाद में इसका असर यूरोप की कुछ एयरलाइंस तक भी पहुंचा। राहत की बात यह रही कि लगभग आधे घंटे के भीतर सिस्टम बहाल कर दिया गया और हवाईअड्डों पर संचालन धीरे-धीरे सामान्य हो गया। तकनीकी समस्या दूर होते ही यात्री सेवाएं स्थिर हो गईं।
पिछले साल भी आई थी बड़ी तकनीकी बाधा
पिछले साल नवंबर में दिल्ली के हवाईअड्डे पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC सिस्टम में आई बड़ी तकनीकी खराबी के कारण करीब 800 उड़ानें देरी से संचालित हुई थीं। यह समस्या मलेरिया मैसेज स्विचिंग सिस्टम (एएमएसएस) में आई थी, जो ATC के डेटा नेटवर्क का अहम हिस्सा है। इस गड़बड़ी के चलते एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को फ्लाइट प्लान सौंपी गई प्रक्रिया करने पड़े थे, जिससे कई हवाईअड्डों पर उड़ानों का शेड्यूल प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने इसे “अभूतपूर्व” स्थिति बताई थी। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एएआई ने तब अपने बयान में कहा था कि 6 नवंबर को IP-बेस्ड AMSS सिस्टम में आई खराबी के कारण फ्लाइट प्लान दिए की प्रक्रिया में देरी हुई, जिससे ATC संचालन प्रभावित हुआ।
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