SGB Investors: अलग-अलग वजहों से सोने की कीमतों में लगातार तेज उछाल जारी है। 1 अप्रैल, 2025 को सोने का भाव 9284 रुपये प्रति 1 ग्राम पर पहुंच गया था। अगर इस भाव पर केंद्र सरकार को अभी SGB (सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड) का पूरा भुगतान करना पड़े तो उन्हें निवेशकों को कुल ₹12,06,92,00,00,000 यानी 1.2 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि इस राशि में ब्याज का पैसा शामिल नहीं है। बताते चलें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत निवेशकों को निवेश की गई राशि पर 2.5 प्रतिशत का ब्याज भी देती है।
130 टन सोने के लिए इश्यू प्राइस पर ₹67,322 करोड़ बकाया
एसजीबी पर पूछे गए एक सवाल पर सरकार ने संसद को एक लिखित उत्तर में कहा, "20 मार्च, 2025 को 130 टन सोने के लिए इश्यू प्राइस पर बकाया राशि ₹67,322 करोड़ है।" बताते चलें कि एसजीबी का रीडेम्पशन मौजूदा मार्केट प्राइस पर आधारित है। केंद्र सरकार अभी तक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के शुरुआती 7 ट्रांच का पूरा पैसा दे चुकी है। सरकार ने अभी हाल ही में 8वें ट्रांच के एसजीबी निवेशकों को प्रीमैच्यॉर पेमेंट का ऑफर दिया है।
उच्च उधारी लागत की वजह से बंद की गई स्कीम
केंद्र सरकार ने इस साल की शुरुआत में ही उच्च उधारी लागत के कारण सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम को बंद कर दिया था। हालांकि, सरकार को एसजीबी के लिए पूरा भुगतान एक बार में नहीं करना होगा, क्योंकि प्रत्येक चरण के तहत एसजीबी की अपनी मैच्यॉरिटी डेट होती है। एसजीबी के आखिरी चरण के लिए साल 2032 में भुगतान किया जाना है। साल 2015 में एसजीबी का पहला ट्रांच जारी होने के बाद से सोने की कीमतों में 252 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। सरकार को एसजीबी के पहले ट्रांच में पैसा लगाने वाले निवेशकों को बिना ब्याज के 128 प्रतिशत प्रीमियम देना पड़ा। जबकि ब्याज के साथ ये प्रीमियम बढ़कर 148 प्रतिशत हो गया था।
सरकार ने 146.96 टन सोने के बराबर जारी किए हैं एसजीबी
सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया गया कि उन्होंने 2024-25 तक 146.96 टन सोने के बराबर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) के कुल 67 ट्रांच जारी किए हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक लिखित जवाब में बताया कि 20 मार्च, 2025 तक इश्यू प्राइस पर 130 टन सोने का बकाया मूल्य 67,322 करोड़ रुपये है।
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