देश के 15 प्रमुख टियर-2 शहरों में 2025 में आवासीय बिक्री की मात्रा में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर 1,56,181 यूनिट रह गई। हालांकि, बिक्री का कुल मूल्य पिछले साल की तरह ही 1.48 लाख करोड़ रुपये पर स्थिर बना रहा। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म प्रॉपइक्विटी की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में इन टॉप-15 टियर-2 शहरों में हाउसिंग सेल्स वैल्यू ₹1.48 लाख करोड़ पर अपरिवर्तित रही, लेकिन यूनिट्स की संख्या में साल-दर-साल 10% की कमी आई।
बिक्री में सुस्ती का मुख्य कारण
खबर के मुताबिक, प्रॉपइक्विटी के फाउंडर और सीईओ समीर जसूजा ने बताया कि पिछले दो साल से बिक्री में सुस्ती का मुख्य कारण ₹1 करोड़ से कम कीमत वाले घरों की आपूर्ति में कमी है। यह सेगमेंट लंबे समय से टियर-2 शहरों में मांग का प्रमुख चालक रहा है। उन्होंने कहा कि जमीन और निर्माण लागत बढ़ने तथा खरीदारों की प्राथमिकताओं में बदलाव के चलते नए प्रोजेक्ट्स अब अधिकतर उच्च मूल्य वाले ब्रैकेट में लॉन्च हो रहे हैं। नतीजतन, टियर-2 बाजार टियर-1 शहरों की तरह व्यवहार करने लगे हैं, जहां बिक्री की मात्रा घट रही है, लेकिन औसत कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। रिपोर्ट में उल्लेख है कि ₹1 करोड़ से अधिक कीमत वाले प्रीमियम घरों की बिक्री में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे उनकी बाजार हिस्सेदारी 2024 के 23% से बढ़कर 2025 में 28% हो गई।
शहर-वार बिक्री के प्रमुख आंकड़े (2025 vs 2024):
- अहमदाबाद: 51,148 यूनिट (8% गिरावट, पहले 55,315)
- सूरत: 19,835 यूनिट (15% गिरावट, पहले 23,342)
- वडोदरा: 13,798 यूनिट (19% गिरावट, पहले 17,045)
- गांधीनगर: 13,710 यूनिट (घटाव, पहले 13,884)
- नासिक: 11,188 यूनिट (10% गिरावट, पहले 12,492)
- जयपुर: 9,758 यूनिट (5% गिरावट, पहले 10,271)
- नागपुर: 6,260 यूनिट (18% गिरावट, पहले 7,653)
- मोहाली: 6,118 यूनिट (34% वृद्धि, पहले 4,554)
- भुवनेश्वर: 4,885 यूनिट (25% गिरावट, पहले 6,538)
- लखनऊ: 4,053 यूनिट (6% वृद्धि, पहले 3,812)
- कोयंबटूर: 3,702 यूनिट (4% गिरावट, पहले 3,854)
- भोपाल: 3,599 यूनिट (5% गिरावट, पहले 3,804)
- गोवा: 3,507 यूनिट (मामूली गिरावट, पहले 3,518)
- विशाखापत्तनम: 2,406 यूनिट (38% बड़ी गिरावट, पहले 3,858)
- कोच्चि: 2,214 यूनिट (17% गिरावट, पहले 2,659)
गुजरात के शहर (अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, गांधीनगर) कुल बिक्री में 63% हिस्सेदारी के साथ प्रमुख रहे, हालांकि इनमें भी गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञों की क्या है राय
हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर ने कहा कि टियर-2 शहरों में ₹1-2 करोड़ के प्रीमियम सेगमेंट में मांग स्थिर और स्वस्थ रूप से बढ़ रही है। क्रेडाई हरियाणा के प्रेसिडेंट और सत्य ग्रुप के एमडी मनीष अग्रवाल ने इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और रोजगार अवसरों के कारण एंड-यूजर्स व निवेशकों की बढ़ती रुचि पर जोर दिया। आराइज ग्रुप के एमडी अमन शर्मा ने बताया कि खरीदार अब किफायती घरों की जगह बेहतर लाइफस्टाइल, बड़े घर और इंटीग्रेटेड कम्युनिटी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
Latest Business News