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Hindi News पैसा बिज़नेस अमेरिका ने भारत पर फिर टैरिफ बढ़ाया तो एक्सपोर्ट पर पड़ेगा बुरा असर, जानें क्या बोले एक्सपर्ट्स

अमेरिका ने भारत पर फिर टैरिफ बढ़ाया तो एक्सपोर्ट पर पड़ेगा बुरा असर, जानें क्या बोले एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स ने कहा कि जैसे-जैसे टैरिफ का खतरा गहरा रहा है, भारत को रूसी तेल के मुद्दे पर एक स्पष्ट फैसला लेना होगा।

india-us trade, india-us trade deal, crude oil, russia, america, donald trump, narendra modi, tariff- India TV Paisa Image Source : AP अमेरिका से कच्चे तेल और बाकी पेट्रोलियम उत्पादों का आयात दोगुना कर चुका है भारत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते हैं कि भारत के रूस से तेल खरीदने के कारण वो नाराज हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका बहुत जल्द भारत पर टैरिफ बढ़ा सकता है। बताते चलें कि अमेरिका अभी भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है और इस 50 में से 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से जुर्माने के तौर पर लगाया जा रहा है। लेकिन, अमेरिका एक बार फिर भारत पर टैरिफ बढ़ाता है तो इससे देश के निर्यात पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि, इससे निर्यातकों को अपने विदेशी बाजारों में विविधता लाने में मदद मिल सकती है।

भारत की तरह चीन के खिलाफ सख्त कदम उठाने से डर रहा है अमेरिका

एक्सपर्ट्स ने कहा कि जैसे-जैसे टैरिफ का खतरा गहरा रहा है, भारत को रूसी तेल के मुद्दे पर एक स्पष्ट फैसला लेना होगा। आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई ने सोमवार को कहा कि मई और नवंबर 2025 के बीच अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात में पहले ही 20.7 प्रतिशत की गिरावट आई है और अगर टैरिफ आगे भी बढ़ा तो ये गिरावट तेज हो सकती है। जीटीआरआई ने बताया कि भारतीय वस्तुओं को पहले ही 50 प्रतिशत के भारी टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के फाउंडर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि चीन के उलट भारत के पास अमेरिका पर कोई रणनीतिक बढ़त नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन अमेरिका ने परिणामों के डर से चीन के खिलाफ अभी तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया है।

अमेरिका से कच्चे तेल और बाकी पेट्रोलियम उत्पादों का आयात दोगुना कर चुका है भारत

भारत ने अमेरिका से कच्चे तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के आयात को दोगुना कर दिया है, लेकिन अमेरिका इसे नजरअंदाज कर देगा। निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो ने भी कहा कि मौजूदा 50 प्रतिशत टैरिफ के अतिरिक्त कोई भी बढ़ोतरी भारतीय निर्यात को बुरी तरह प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा कि खासतौर पर निर्यात के पारंपरिक क्षेत्रों में ऐसा होगा। फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि लेकिन ये टैरिफ तेजी से विविधीकरण और जोखिम कम करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में भी काम कर सकते हैं। इस तरह के दबाव निर्यातकों को एक ही बाजार पर अत्यधिक निर्भरता कम करने, वैकल्पिक गंतव्यों की तलाश करने और उत्पादों एवं प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

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