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भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक, चीन को छोड़ा पीछे- कृषि मंत्री ने खुद दी जानकारी

केंद्रीय कृषि मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित 25 क्षेत्रीय फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया।

largest rice producing country, india rice production, china rice production, largest rice exporter - India TV Paisa Image Source : PTI चीन के 14.5 करोड़ टन की तुलना में 15.18 करोड़ टन तक पहुंचा भारत का चावल उत्पादन

चीन को पीछे छोड़ भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ये जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने आज 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी करते हुए बताया कि भारत 15.18 करोड़ टन के कुल उत्पादन के साथ चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया है। मंत्री ने कहा कि इन नई उच्च उपज वाली बीज किस्मों से फसल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को ये सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ये नई किस्में किसानों तक जल्दी पहुंचें। 

ज्यादा उपज देने वाले बीजों के विकास में बड़ी सफलता

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित 25 क्षेत्रीय फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि देश ने ज्यादा उपज देने वाले बीजों के विकास में बड़ी सफलता हासिल की है। साल 1969 में राजपत्र अधिसूचना प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कुल 7205 फसल किस्मों को अधिसूचित किया गया है, जिनमें चावल, गेहूं, ज्वार, मक्का, दालें, तिलहन, फाइबर फसलें शामिल हैं। शिवराज चौहान ने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 3236 ज्यादा उपज देने वाली किस्मों को मंजूरी दी गई है, जबकि 1969 से 2014 के बीच 3969 किस्मों को अधिसूचित किया गया था।

चीन के 14.5 करोड़ टन की तुलना में 15.18 करोड़ टन तक पहुंचा भारत का चावल उत्पादन

कृषि मंत्री ने कहा कि भारत भोजन की कमी वाले देश से वैश्विक खाद्य प्रदाता बन गया है। उन्होंने कहा, “चावल उत्पादन में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है।” उन्होंने इसे एक अभूतपूर्व उपलब्धि बताते हुए कहा कि भारत का चावल उत्पादन चीन के 14.5 करोड़ टन की तुलना में 15.18 करोड़ टन तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भारत अब विदेशी बाजारों में चावल की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में प्रचूर मात्रा में खाद्यान्न भंडार है, जिससे भारत की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

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