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भारत के पास मोटर व्हीकल कंपोनेंट्स पर लगाए गए टैरिफ के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने का आधार नहीं: अमेरिका

भारत का कहना है कि वह मोटर व्हीकल और उसके कंपोनेंट्स पर लगाए 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ के विरुद्ध जवाबी टैरिफ लगाने का अधिकार सुरक्षित रखता है और ये टैरिफ सुरक्षा उपाय हैं जो उसके घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

india, india us trade, india us trade deal, wto, world trade organisation, motor vehicle, motor vehi- India TV Paisa Image Source : HYUNDAI अमेरिका ने मोटर व्हीकल और उसके कंपोनेंट्स पर लगाया है 25 प्रतिशत टैरिफ (सांकेतिक तस्वीर)

अमेरिका ने कहा है कि भारत के पास मोटर व्हीकल और उसके कंपोनेंट्स पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने का कोई आधार नहीं है। अमेरिका ने भारत के उस दावे को खारिज कर दिया कि ये टैरिफ विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अधीन सुरक्षा उपाय हैं। भारत ने इन टैरिफ को विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अधीन ‘‘सुरक्षा उपाय’’ बताया है जबकि अमेरिका लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि ये राष्ट्रीय हित में उठाया कदम है।

अमेरिका ने मोटर व्हीकल और उसके कंपोनेंट्स पर लगाया है 25 प्रतिशत टैरिफ

भारत का कहना है कि वह मोटर व्हीकल और उसके कंपोनेंट्स पर लगाए 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ के विरुद्ध जवाबी टैरिफ लगाने का अधिकार सुरक्षित रखता है और ये टैरिफ सुरक्षा उपाय हैं जो उसके घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके जवाब में अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन को सूचित किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन वस्तुओं के आयात को समायोजित करने के लिए ये टैरिफ लगाए हैं, क्योंकि इनसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। 

डब्ल्यूटीओ ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध पर जारी किया संदेश

डब्ल्यूटीओ के 17 जुलाई के एक संदेश में कहा गया, ‘‘ ये कार्रवाई सुरक्षा उपाय नहीं हैं। तदनुसार, इन उपायों के संबंध में सुरक्षा समझौते के तहत रियायतों या अन्य दायित्वों को निलंबित करने के भारत के प्रस्ताव का कोई आधार नहीं है।’’इस संदेश को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध पर जारी किया गया था। अमेरिका ने ये भी कहा कि भारत ने विश्व व्यापार संगठन के सुरक्षा उपायों पर समझौते के तहत दायित्वों का पालन नहीं किया है। इसमें कहा गया है, ‘‘ अमेरिका समझौते के तहत धारा 232 पर चर्चा नहीं करेगा, क्योंकि हम टैरिफ को सुरक्षा उपाय के रूप में नहीं देखते हैं।’’ 

स्टील और एल्युमीनियम को लेकर भी जारी किया गया था संदेश

भारत के स्टील और एल्युमीनियम पर अमेरिकी टैरिफ को विश्व व्यापार संगठन के नियमों के तहत सुरक्षा उपाय बताने के दावे को खाारिज करने के लिए भी इसी प्रकार का एक संदेश प्रसारित किया गया। भारत द्वारा अधिसूचित रियायतों के प्रस्तावित निलंबन को अमेरिका के चुनिंदा उत्पादों पर टैरिफ में बढ़ोतरी के रूप में लिया जा सकता है। हालांकि, भारत ने अभी तक इन वस्तुओं का खुलासा नहीं किया है, लेकिन 2019 में इसी तरह के एक कदम में उसने बादाम और सेब से लेकर रसायनों तक 28 अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाया था।

पीटीआई इनपुट्स के साथ

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