सस्ता और बढ़िया तेल ही खरीदेगा भारत, चाहे वो किसी भी देश से मिले- सरकार ने संसदीय समिति को दी जानकारी
विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के टॉप अधिकारियों ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति को ये जानकारी दी।
सरकार ने मंगलवार को एक संसदीय समिति को बताया कि भारत उन देशों से कच्चे तेल की खरीद जारी रखेगा, जहां उसे सस्ता और सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला तेल मिलेगा। इसके साथ ही, भारतीय तेल कंपनियां भू-राजनीतिक स्थिति और गैर-प्रतिबंधित स्रोतों को ध्यान में रखते हुए तेल की खरीदारी करेंगी। सूत्रों के अनुसार विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के टॉप अधिकारियों ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति को ये जानकारी दी। थरूर ने इस बैठक को बेहद प्रभावी बताया, जो तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली और इसमें 30 में 28 सदस्यों ने हिस्सा लिया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्रित रही बैठक
बैठक के बाद शशि थरूर ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा, ''अधिकारियों ने हर सवाल का बड़े विस्तार और आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया। ये समिति के कामकाज का एक बेहतरीन उदाहरण था।'' सरकार की ओर से सांसदों के सामने अपनी बात रखने वालों में विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल थे। थरूर ने बताया कि बैठक का ज्यादातर समय भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर केंद्रित रहा। इसमें रूसी तेल और कृषि उत्पादों सहित सभी विषयों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने समिति को बताया कि भारत, अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने पर काम कर रहा है।
अधिकारियों ने व्यापार समझौतों के प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से दिया स्पष्टीकरण
भारत और अमेरिका ने अभी हाल ही में व्यापार समझौते की घोषणा की थी। इस समझौते की प्रमुख शर्तों को लेकर वाइट हाउस द्वारा जारी किए गए फैक्ट शीट में कहा गया है भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद रोकने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत की इस प्रतिबद्धता पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त टैरिफ को हटाने की घोषणा की थी। अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले 18 प्रतिशत के जवाबी टैरिफ पर थरूर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य में व्यापार को हथियार बनाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने भी इस प्रस्तुति को बहुत उपयोगी बताया और कहा कि अधिकारियों ने व्यापार समझौतों के प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से स्पष्टीकरण दिया है।
